7 वर्षीय अवनीश हिमालय के ऊंचाई पर जाकर रचेगा नया इतिहास

टीआरपी डेस्क। इंदौर के आर्मी स्कूल में पढ़ने वाला 7 साल का अवनीश एवरेस्ट की चढ़ाई कर इतिहास रचने जा रहा है। अवनीश अपने पिता के साथ 13 तारीख को इंदौर से निकलेगा और समुद्र तल से 35 सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर देश का नाम रौशन करेगा। बता दें कि नन्ही उम्र में यह बड़ा कारनामा करने जा रहे अवनीश के पिता आदित्य इंजीनियर हैं। उन्होंने शादी से पहले अवनीश को अडॉप्ट किया था।

आदित्य के अनुसार अवनीश को डांऊस सिंड्रोम है। बच्चे को कोई लाचारी की निगाह से ना देखें इसलिए वे अपने बेटे को एवरेस्ट लेकर जा रहे हैं। वे कहते हैं कि दिव्यांग और स्पेशल चाइल्ड को लोग दया की भावना से देखते हैं। जब लॉकडाउन था तब बच्चा घर की चार दीवारों में बंद था तब मैंने सोचा था कि मैं अवनीश को लद्दाख लेकर जाऊंगा।

अवनीश एथलीट की भी कर रहा है तैयारी

आदित्य बताते हैं कि लोगों ने उन्हें कई प्रकार की प्रतिक्रिया दी कि यह बच्चा दिव्यांग है। उसे कुछ हो जाएगा। एक्सपर्ट ने भी सलाह दी कि समुद्र तल से 35 सौ किलोमीटर ऊपर जाना बच्चों के लिए संभव नहीं है। अवनीश ऐसा पहला बच्चा होगा जो एवरेस्ट फतह करने जा रहा है। अवनीश एथलीट की तैयारी भी कर रहा है। अभी उम्र कम है इसलिये ओलंपिक में जाना सम्भव नहीं है।

बता दें की आदित्य द्वारा अवनीश को ढाई साल की उम्र में अडॉप्ट किया गया था जिसके लिये उन्हें गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में सबसे कम उम्र में विकलांग बच्चे को गोद लेने वाले युवा माता-पिता का खिताब भी दिया गया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।