टीआरपी डेस्क। केंद्र सरकार ने संसद सत्र के दौरान जानकारी दी कि कि 8,330 भारतीय विभिन्न देशों की जेलों में बंद हैं और इनमें सर्वाधिक संयुक्त अरब अमीरात में हैं। विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘मंत्रालय के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में विदेशी जिलों में विचाराधीन कैदियों सहित भारतीय कैदियों की संख्या 8,330 है।

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी जिले में विचाराधीन कैदियों सहित भारतीय कैदियों की संख्या संयुक्त अरब अमीरात में 1611, सऊदी अरब में 1461, नेपाल में 1222, कतर में 696, कुवैत में 446, मलेशिया में 341, पाकिस्तान में 308, यूनाइटेड किंगडम में 249, अमेरिका में 294 और बहरीन में 277 है।

मुरलीधरन ने कहा कि सरकार विदेशों में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, जिसमें विदेशी जेलों में मौजूद भारतीय भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि विदेश स्थित भारतीय मिशन सतर्क रहते हैं और स्थानीय कानून के उल्लंघन के लिए विदेशी जेल में डाले जा रहे हैं भारतीय नागरिकों की घटनाओं की बारीकी से निगरानी करते हैं और तत्पश्चात आवश्यक कदम उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि अनेक देशों में प्रचलित कठोर गोपनीय कानूनों के कारण स्थानीय अधिकारी कैदियों के बारे में तब तक जानकारी साझा नहीं करते हैं जब तक कि संबंधित व्यक्ति ऐसी किसी जानकारी के प्रकटीकरण के लिए अपनी सहमति नहीं देता।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।