Electronic devices recovered from Aftab Ansari high security cell in Presidency Jail Kolkata
Electronic devices recovered from Aftab Ansari high security cell in Presidency Jail Kolkata

Aftab Ansari Presidency Jail: कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में 13 अगस्त को चलाए गए विशेष तलाशी अभियान के दौरान हाई-सिक्योरिटी सेल से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। ये उपकरण कुख्यात आतंकी आफताब अंसारी की सेल से मिलने की जानकारी सामने आई है।

बरामद सामान में दो स्मार्टफोन, एक iPhone, राउटर, पेन ड्राइव, OTG केबल, OTG एडाप्टर और कार्ड रीडर शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ नकदी मिलने की भी जानकारी है। हाई-सिक्योरिटी सेल में इन प्रतिबंधित उपकरणों की मौजूदगी के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

13 अगस्त को चला था तलाशी अभियान

जेल विभाग के सूत्रों के मुताबिक, 13 अगस्त को प्रेसिडेंसी जेल में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया था। अधिकारियों ने अलग-अलग बैरकों और सेल की जांच की। इसी दौरान आफताब अंसारी की सेल की भी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। सामान जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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हाई-सिक्योरिटी सेल में मोबाइल कैसे पहुंचा?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कड़ी निगरानी वाले हाई-सिक्योरिटी जोन में मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़े उपकरण कैसे पहुंचे। जेल में बंद कैदियों की गतिविधियों और बाहरी संपर्कों पर निगरानी के बावजूद एक साथ इतने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रतिबंधित उपकरण जेल के अंदर किस माध्यम से पहुंचे। साथ ही बाहरी व्यक्ति या जेल के किसी कर्मचारी की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

संपर्क और इस्तेमाल की भी होगी जांच

पुलिस बरामद उपकरणों के स्रोत और इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन उपकरणों के जरिए आफताब अंसारी किन लोगों के संपर्क में था और क्या इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि के लिए किया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच से उनके इस्तेमाल और संभावित डेटा के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उपकरणों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

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हेस्टिंग्स थाने में शिकायत दर्ज

घटना के संबंध में हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामान को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित सामान जेल के अंदर कब और किस माध्यम से पहुंचा। इसके लिए जेल के अंदर और बाहर के संभावित संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

अमेरिकन सेंटर हमले का आरोपी है आफताब

आफताब अंसारी को 2002 के कोलकाता अमेरिकन सेंटर हमले के मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल माना गया है। वह इस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है और प्रेसिडेंसी जेल के हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद है। ऐसे कैदी की सेल से मोबाइल फोन और संचार से जुड़े कई उपकरण मिलने के बाद जेल सुरक्षा को लेकर जांच और महत्वपूर्ण हो गई है।

अब सुरक्षा में चूक की होगी जांच

जांच का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि हाई-सिक्योरिटी सेल तक प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान कैसे पहुंचा। पुलिस और जेल प्रशासन बरामद सामान के स्रोत, संभावित संपर्कों और जेल के अंदर-बाहर के नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला केवल सुरक्षा में चूक का है या इसके पीछे किसी आपराधिक गतिविधि की भी भूमिका थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।