टीआरपी डेस्क। भ्रामक विज्ञापन मामले में योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने दूसरा माफीनामा प्रकाशित किया है। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की ओर से आज अखबारों में सार्वजनिक माफी मांगी गई है।

पढ़ें माफीनामा

पतंजलि ने लिखा, “हम 22 नवंबर, 2023 को बैठक/प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए क्षमाप्रार्थी हैं। हम अपने विज्ञापनों को प्रकाशन में हुई गलती के लिए ईमानदारी से माफी मांगते हैं और यह हमारी प्रतिबद्धता है कि ऐसी गलतियां दोबारा नहीं होंगी। हम उचित सावधानी और अत्यंत ईमानदारी के साथ माननीय न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम न्यायालय की महिमा को बनाए रखने और संबंधित प्राधिकारियों के निर्देशों का पालन करने का वचन देते हैं।”

कोर्ट ने माफीनामे पर उठाए थे सवाल

इससे पहले 23 अप्रैल (मंगलवार) को हुई सुनवाई के दौरान पतंजलि और रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि कंपनी 10 लाख रुपये खर्च कर 67 अखबारों में माफीनामा प्रकाशित करवाया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, “हमें इससे फर्क नहीं पड़ता। क्या माफीनामा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है? क्या माफीनामा उसी फॉन्ट और आकार में प्रकाशित किया गया है, जिसमें आपके पहले के विज्ञापन प्रकाशित हुए थे?”

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क्या है मामला?

दरअसल, पतंजलि ने सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित किए थे, जिसे लेकर कंपनी को मानहानि का नोटिस जारी किया गया था। पतंजलि ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, जिसके बाद कोर्ट ने रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को तलब किया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।