महंगाई की एक और मार, पेरासिटामोल सहित 800 दवाओं के चुकाने होंगे 10% ज्यादा दाम

मुंबई। पांच राज्यों में चुनावों के खत्म होने के बाद अब आम लोगों पर पर पड़ी महंगाई की मार खत्म होने का नाम नहीं ले रही। दूध, पैट्रोल-डीज़ल और रसोई गैस के बाद अब सामान्य दवाइयों की कीमतों का भी बोझ आम लोगों पर डालने जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल से अधिकांश सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में लगभग 850 से अधिक दवाओं की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। अब बुखार, संक्रामक, हृदय रोग, हाई बीबी, त्वचा रोग और एनीमिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के दाम बढ़ेंगे।

इन दवाओं पर छाई महंगाई

इस सूची में पेरासिटामोल, फेनोबार्बिटोन, फ़िनाइटोइन सोडियम, एज़िथ्रोमाइसिन, सिप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड और मेट्रोनिडाज़ोल जैसी दवाएं शामिल हैं। दरअसल एनपीपीए ने शुक्रवार को थोक मूल्य सूचकांक में 10.8 फीसदी तक बदलाव की घोषणा की।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।