नहीं चलेगी मनमानी, सोशल मीडिया पर कसेगा शिकंजा... शीतकालीन सत्र में बिल होगा पेश

टीआरपी डेस्क। फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल मीडिया का भारतीय यूजर्स डेटा के गलत इस्तेमाल की खबर आए दिन आती है। इसे देखते हुए हुए भारतीय संसदीय पैनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की देखरेख और उनके मनमाने रवैये को रोकने के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी बनाने की सिफारिश की है। इतना ही नहीं नियम तोड़ने पर सोशल मीडिया कंपनियों 4% का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की तरह होगी रेगुलेटरी बॉडी

हाई-लेवल कमेटी ने 2019 में पेश किए गए पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को देखते हुए रेगुलेटरी बॉडी बनाने की बात कही है।गूगल और अमेजन इंक जैसी कंपनियां इन नियमों के तहत आएंगी। समिति का कहना है कि जिस तरह इंडियन प्रेस को प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया कंट्रोल करती है ठीक उसी तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी बनानी चाहिए। रिपोर्ट की सिफारिशें 29 नवंबर से चलने वाले संसदीय सत्र में पेश की जाएंगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।