टोमेटो फीवर

नई दिल्ली। दुनिया भर में तबाही मचा कर कोरोना संक्रमण ने लाखों लोगों की जान ले ली है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच मंकी पॉक्स, स्वाइनफ्लू जैसे बेहद खतरनाक वेरिएंट से लोग अभी उबर ही नहीं पाएं हैं। इस बीच अब टोमेटो बुखार ने दस्तक दे दी है। दरअसल, केरल में अब तक टोमेटो बुखार के करीब 100 मामले सामने आए हैं।

क्या है टोमेटो बुखार

इस वायरल बीमारी को ‘टोमेटो बुखार’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि जो लोग इसके संपर्क में आते हैं उनके शरीर पर लाल चकत्ते और छाले देखे गए हैं जो टमाटर के समान लाल होते हैं । डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. इस बीमारी को ‘टोमेटो फ्लू’ के नाम से भी जाना जाता है लेकिन यह बीमारी कोरोना जितनी जोखिम भरी नहीं है।

टमाटर बुखार के कारण

बीमारी का विशिष्ट कारण अभी भी अज्ञात है, हालांकि अब इसे वायरल संक्रमण का एक दुर्लभ रूप माना जा रहा है. कुछ ने यह भी सुझाव दिया है कि यह डेंगू या चिकनगुनिया का दुष्प्रभाव हो सकता है । वैज्ञानिकों ने निर्धारित किया है कि यह बुखार एक वायरस है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि यह किस वायरस के परिवार का है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।