टीआरपी डेस्क। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है। 9 दिवसीय यह यात्रा उत्तर प्रदेश में मऊरानीपुर से आगे बढ़ रही है। मंगलवार सुबह ग्रामोदय में रात्रिविश्राम के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। रामवन होटल के पास किसी ने भीड़ में से धीरेंद्र शास्त्री पर मोबाइल फेंक दिया। शास्त्री ने इसे सहजता से लेते हुए कहा, “जिसने फूलों के साथ मोबाइल फेंककर मारा है, वो मोबाइल अब मेरे पास है।”

पदयात्रा का 80 किमी सफर पूरा

हनुमान चालीसा, राष्ट्रगान और मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुई पदयात्रा अब तक 80 किमी का सफर तय कर चुकी है। मंगलवार को यात्रा 17 किमी की दूरी तय करते हुए झांसी के घुघसी गांव पहुंचेगी, जहां रात्रिविश्राम होगा। यात्रा के दौरान मशहूर रेसलर द ग्रेट खली भी शामिल हुए। एक साधु ने उनसे मजाकिया अंदाज में अपनी चोटी पकड़कर उठाने को कहा, जिसे खली ने सहजता से कर दिखाया।

See also  Donkey Route: गुजरात से USA पहुंचने लाखों खर्च करते है इस गांव के लोग, Melody माता से अमेरिका जाने करते हैं प्रार्थना

100 करोड़ हिंदुओं का संदेश

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा 100 करोड़ हिंदुओं को जागरूक करने का एक प्रयास है। उन्होंने चेताया कि यदि जातिवाद, छुआछूत, और भेदभाव की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले 10-20 वर्षों में देश गृहयुद्ध की स्थिति में आ सकता है। उनका कहना है कि यह पदयात्रा देश को तोड़ने वाली इन बुराइयों से बचाने का माध्यम है।

संजय दत्त की भावुकता

सोमवार को अभिनेता संजय दत्त भी इस पदयात्रा में शामिल हुए। उन्होंने यात्रा में 2 किमी तक ध्वज लेकर हिस्सा लिया और धीरेंद्र शास्त्री को गुरुजी कहकर संबोधित किया। संजय दत्त ने कहा, गुरुजी मेरे छोटे भाई जैसे हैं। ये जो काम कर रहे हैं, यह महान है। मैं उनके साथ हमेशा खड़ा रहूंगा। अगर गुरुजी कहें, संजू बाबा, मेरे साथ ऊपर चलो,’ तो मैं भी चलने को तैयार हूं।

धीरेंद्र शास्त्री का उद्देश्य

पदयात्रा का मकसद हिंदू एकता को बढ़ावा देना और देश की सामाजिक बुराइयों को खत्म करना है। धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि जातिवाद और भेदभाव देश को कमजोर कर रहे हैं, और इन मुद्दों पर काम करना बेहद जरूरी है। लाखों लोग इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं, और यह देश भर में सनातन धर्म के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास है।

See also  आत्मनिर्भर भारत- 1 जून से CAPF की कैंटीन में मिलेगा स्वदेशी सामान

यह यात्रा न केवल धार्मिक एकता का प्रतीक बन गई है, बल्कि इसमें शामिल होने वाले लोग इसे ऐतिहासिक आंदोलन के रूप में देख रहे हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।