टीआरपी डेस्क। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने शेड्यूल्ड अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध को 31 मई 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है। देश में कोविड-19 के बढ़ते केसों को देखते हुए यह प्रतिबंध बढ़ाया गया है। DGCA ने नोटिफिकेशन के जरिए यह जानकारी दी है।

कार्गो उड़ानों पर नहीं लगेगा प्रतिबंध

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सभी अंतरराष्ट्रीय कार्गो उड़ानों और DGCA की ओर से अनुमति प्राप्त उड़ानों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। यानी कार्गो और अन्य अनुमति प्राप्त उड़ानें पहले की तरह जारी रहेंगी। इसके अलावा वंदे भारत मिशन और ट्रैवल बबल वाली सभी शेड्यूल्ड फ्लाइट पहले की तरह उड़ान भरती रहेंगी। हालांकि, संबंधित एजेंसियों की मंजूरी के बाद कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों को अनुमति दी जा सकती है।

23 मार्च से लगा है उड़ानों पर प्रतिबंध

कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने पिछले साल 23 मार्च को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। 25 मई से घरेलू उड़ानें फिर से शुरू हो गई थीं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध जारी है। हालांकि, विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार वंदे भारत मिशन के तहत विशेष अभियान चला रही है। इसके अलावा बायो बबल के तहत भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं।

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घरेलू उड़ानों में 31 मई तक नहीं बढ़ेगा किराया

सिविल एविएशन मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों में 31 मई तक किराया बढ़ाने पर रोक लगा दी है। कोरोना की वजह से पिछले साल से ही फ्लाइट किराए की सीमा पर प्रतिबंध लगा है। इससे पहले फरवरी में भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया था। किराए के अलावा फ्लाइट को 80% क्षमता के साथ ही चलाना होगा। विमानन कंपनियों ने रविवार को ही मंत्रालय से यह अपील की थी कि क्षमता को घटाकर 60% कर दिया जाए क्योंकि अप्रैल में बुकिंग में काफी कमी आई है।

लॉकडाउन के बाद डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मई से खुला

कोरोना शुरू होने के बाद शेड्यूल्ड डोमेस्टिक ऑपरेशन 25 मार्च 2020 से रोक दिया गया था। 25 मई से इसे कुछ शर्तों और प्री-कोविड लेवल के मुकाबले एक-तिहाई क्षमता के साथ धीरे-धीरे खोलना शुरू किया गया। हवाई किराए पर न्यूनतम और अधिकतम सीमा लगाई गई थी, ताकि विमानन कंपनियां बहुत ज्यादा किराया न लें और सिर्फ जरूरी कार्यों के लिए ही हवाई यात्रा हो। 3 दिसंबर 2020 को फ्लाइट कैपेसिटी को बढ़ाकर प्री-कोविड स्तर के 80% तक कर दिया गया था। इससे पहले यह 70% था।

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अप्रैल में घट सकती है यात्रियों की संख्या

रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, अप्रैल में एयर पैसेंजर ट्रैफिक की ग्रोथ में 15 से 17% की गिरावट आ सकती है। मई 2020 के बाद से घरेलू पैसेंजर का ट्रैफिक फरवरी में 64% पर पहुंच गया था। मार्च 2021 में रोजाना औसतन 2.49 लाख यात्रियों ने फ्लाइट से यात्रा की है। 6 अप्रैल से 11 अप्रैल के दौरान मार्च की तुलना में इसमें 12% की अचानक गिरावट आई। आंकड़ों के मुताबिक, 13 अप्रैल को करीब 5 महीने में पहली बार यात्रियों की संख्या 2 लाख से नीचे पहुंचकर 1 लाख 83 हजार 331 रह गई थी।

पहली बार एक दिन में 3.86 लाख नए मरीज मिले

गुरुवार को पहली बार एक दिन में 3 लाख 86 हजार 854 नए मरीजों की पुष्टि हुई। 24 घंटे में मिले नए मरीजों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 28 अप्रैल को 3.79 लाख मरीजों की पहचान हुई थी। इसके अलावा 24 घंटे में 3,501 संक्रमितों की मौत भी हो गई। ये लगातार तीसरा दिन था जब तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इससे पहले बुधवार को 3,646 मौतें रिकॉर्ड की गईं थीं। राहत की बात ये है कि इन 24 घंटों के अंदर 2 लाख 91 हजार 484 लोग ठीक होकर अपने घर भी गए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।