टीआरपी डेस्क। सिलक्यारा से जल्द ही राहत की खबर मिल सकती है। सुरंग में 41 श्रमिक कभी भी बाहर आ सकते हैं। बता दें कि ये सभी मजदूर 16 दिन से ज्यादा समय से सुरंग में फंसे हुए हैं।

बता दें कि उत्तरकाशी टनल हादसे में फंसे हुए 41 मजदूरों के परिजनों को तैयार रहने और मजदूरों के कपड़े और बैग तैयार रखने को कहा गया है। मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकालकर चिन्यालीसौड़ अस्पताल ले जाया जाएगा। इसकी भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

रेस्क्यू की राह में कई तरह के अवरोध आ रहे हैं जिन्हें लगातार दूर किया जा रहा है। मंगलवार को भी मैनुअल ड्रिलिंग के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पिछले 16 दिनों से टनल के अंदर फंसे श्रमिकों का स्वास्थ्य ठीक है। लगातार पाइप के जरिए श्रमिकों को खाना पहुंचाया जा रहा है। आज उम्मीद की जा रही है सभी मजदूर सकुशल बाहर आ जाएंगे।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सुरंग में फंसे श्रमिकों का कुशल क्षेम जाना। प्रधानमंत्री ने ड्रिलिंग के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा अंदर फंसे श्रमिकों के साथ ही बाहर राहत बचाव कार्य में जुटे लोगों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा अंदर फंसे श्रमिकों के परिजनों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो। साथ ही प्रधानमंत्री ने आगामी रणनीति पर भी चर्चा की।

अंतर्राष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने कहा कि हम पहले भी सकारात्मक रहे हैं और मैं आज भी सकारात्मक हूं। आज पहला दिन है जब मैंने कहा कि मुझे अच्छा लग रहा है। पहाड़ की चोटी पर ड्रिलिंग बिल्कुल सही हो रही है। सुरंग में भी ड्रिलिंग का काम अच्छा चल रहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।