टीआरपी डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने एक अहम खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस हमले का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पाकिस्तान का पूर्व स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) कमांडो हाशिम मूसा है, जो अब लश्कर-ए-तैयबा के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह आतंकी हमले में मारे गए 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है।

लश्कर की योजना के तहत जम्मू-कश्मीर भेजा गया था मूसा

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा ने मूसा को खासतौर पर गैर-कश्मीरियों, पर्यटकों और सुरक्षा बलों पर हमले करने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर भेजा था। मूसा पहले भी कई हमलों में शामिल रहा है।

  • अक्टूबर 2024 में उसने गांदरबल जिले के गगनगीर क्षेत्र में हमला किया था जिसमें कई प्रवासी मजदूरों और एक स्थानीय डॉक्टर की जान गई थी।
  • इसके अलावा, उसने बारामूला में हमला करवाया था जिसमें 2 आर्मी जवान और 2 पोर्टर्स मारे गए थे।
See also  Pahalgam Terror Attack : पहलगाम हमले के बाद एक्शन में छत्तीसगढ़ पुलिस, पाकिस्तानी नागरिकों की होगी जांच, हर थाने में होगा वेरिफिकेशन

SSG में मिली थी खतरनाक ट्रेनिंग

जांच एजेंसियों का कहना है कि हाशिम मूसा को जम्मू-कश्मीर भेजने से पहले पाकिस्तानी SSG (Special Services Group) द्वारा विशेष आतंकवादी प्रशिक्षण दिया गया था। उसका मिशन था भारतीय और विदेशी पर्यटकों, सुरक्षा बलों और गैर-स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाना।

स्केच से हुई पुष्टि, तस्वीर वायरल

22 अप्रैल को हुए इस हमले के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए थे। इनमें से एक स्केच की तुलना सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर से की गई और पुष्टि हुई कि वह हाशिम मूसा ही है। इससे पहले भी वह कई वीडियो और खुफिया रिपोर्ट में सामने आ चुका था।

NIA की जांच में नया मोड़, स्थानीय युवक से पूछताछ

हमले से जुड़े दो नए वीडियो सोमवार (28 अप्रैल) को सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें घटनास्थल पर भगदड़ मचते हुए लोग और संदिग्ध गतिविधियाँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं। वीडियो में जिपलाइन का संचालन कर रहे एक कश्मीरी युवक, मुजम्मिल की पहचान हुई है। NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) फिलहाल उससे गहन पूछताछ कर रही है।

See also  Pahalgam Terror Attack : भारत का पाकिस्तान पर बड़ा वार, सभी आयात पर रोक, वीजा किए गए रद्द

एजेंसियों को संदेह है कि यह व्यक्ति हमले से पहले आतंकियों के संपर्क में था या उन्हें अंदरूनी जानकारी उपलब्ध करा रहा था।

बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता

इस खुलासे के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। विशेष रूप से पर्यटक स्थलों, धार्मिक स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार ने भी NIA और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द हमले से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।