टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल के संदेशखाली केस में बड़ा यू-टर्न आया है। दो महिलाओं ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ दर्ज कराई गई दुष्कर्म की शिकायत वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग के कहने पर श्वेत पत्र पर दस्तखत किए थे।

बता दें कि इस मामले में पिछले हफ्ते एक ’वायरल वीडियो’ को लेकर सियासत हुई थी। जिस वायरल वीडियो में भाजपा का एक स्थानीय नेता ये कहता नजर आया था कि शुभेन्दु अधिकारी ने पैसे देकर संदेशखाली के मामले को बड़ा किया था। इस वीडियो में मौजूद नेता ये भी कहता नजर आया था कि महिलाओं को पैसे देकर झूठे केस दर्ज कराए गए थे। एक महिला ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि मुझसे सफेद कागज पर साइन कराया गया। फिर बाद में मुझे पता चला कि मेरे नाम से रेप केस फाइल करवाया गया है।

इस महिला ने थाने में जाकर केस वापस लेने का आवेदन दिया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उन्हें इसके बाद से धमकी मिल रही है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कांग्रेस, जेएमएम के नेताओं सहित कइयों ने ट्वीट किया है। वहीं टीएमसी की नेता और मंत्री शशि पांजा ने कहा कि बीजेपी ने महिलाओं को पैसे देकर रेप का केस दर्ज करवाया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।