टीआरपी डेस्क। यूपी के 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई तेज करने और समय-सारणी तय करने का निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में उस समय हिंसा भड़क गई थी जब किसान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस क्षेत्र में दौरे का विरोध कर रहे थे। इस हिंसा में आठ लोग मारे गए थे। प्राथमिकी के मुताबिक, एक एसयूवी द्वारा चार किसानों को कुचल दिया गया था जिसमें आशीष मिश्रा बैठे थे। इस घटना के बाद एसयूवी के चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं को आक्रोशित किसानों द्वारा पीट पीटकर मार दिया गया था। उस हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हुई थी।

आशीष मिश्रा को 9 अक्टूबर, 2021 को गिरफ्तार किया गया था और हाईकोर्ट के आदेश के बाद 15 फरवरी, 2022 को रिहा किया गया था। हालांकि, 18 अप्रैल, 2022 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद 24 अप्रैल, 2022 को आशीष मिश्रा ने सरेंडर कर दिया था। आशीष मिश्रा ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।