Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। हर गली, हर चौपाल पर यही चर्चा है इस बार सत्ता किसके हाथ में जाएगी और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा। जैसे-जैसे 6 और 11 नवंबर के मतदान की तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक भविष्यवाणियों का दौर तेज हो गया है। एग्जिट पोल तो आखिरी चरण के मतदान के बाद यानी 11 नवंबर को आएंगे, लेकिन उससे पहले ही राजस्थान के मशहूर फलोदी सट्टा बाजार ने अपने अनुमान से चुनावी तापमान बढ़ा दिया है।

राजस्थान का यह बाजार राजनीतिक रुझान बताने के लिए मशहूर है। कई चुनावों में यहां लगाए गए अनुमान हैरान करने वाली सटीकता से सही साबित हुए हैं। इस बार भी सट्टा किंग के आंकड़ों ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।

एनडीए के पक्ष में बढ़त का अनुमान

फलोदी सट्टा बाजार के मुताबिक मुकाबला कड़ा जरूर है, लेकिन हवा एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के पक्ष में बहती दिख रही है। बाजार में लग रहे रेट्स के अनुसार, 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए को 128 से 134 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खाते में 66 से 68 सीटें, जबकि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को 54 से 56 सीटें मिलने का अनुमान है। छोटे सहयोगी दल बाकी सीटों पर असर डाल सकते हैं।

See also  सबरीमाला मंदिर: 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की पीठ सुनवाई होगी

कमजोर पड़ता महागठबंधन

तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-वाम दल) इस बार पिछड़ता नजर आ रहा है। फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार, इस गठबंधन को 100 से कम सीटें मिलने की संभावना है।

बाजार के अनुमान बताते हैं कि महागठबंधन को 93 से 99 सीटें मिल सकती हैं। इनमें से 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही राजद को 69 से 71 सीटें, जबकि कांग्रेस और वाम दलों को सीमित सफलता मिलने की बात कही जा रही है।

अगला मुख्यमंत्री कौन?

फलोदी बाजार में इस पर भी दांव लग रहे हैं। फिलहाल नीतीश कुमार सबसे पसंदीदा चेहरे के तौर पर उभर रहे हैं। उनके नाम पर लगाए गए दांव 40 से 45 पैसे के बीच हैं, जो बाजार की भाषा में साफ संकेत है कि सट्टेबाजों को नीतीश की वापसी की मजबूत संभावना दिख रही है। तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर के नाम पर फिलहाल दांव खुले नहीं हैं, जिससे माना जा रहा है कि उनके समर्थन की स्थिति अभी कमजोर है।

See also  आर्मी अस्पताल से एम्स रेफर किए गए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सीने में दर्द की शिकायत का चल रहा इलाज, PM ने ली स्वास्थ्य की जानकारी

14 नवंबर को साफ होगी तस्वीर

अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब मतगणना के नतीजे सामने आएंगे। तब यह तय होगा कि फलोदी सट्टा बाजार की भविष्यवाणी कितनी सही साबित होती है। फिलहाल बिहार की जनता के साथ-साथ सट्टा बाजार के खिलाड़ी भी इस चुनावी मुकाबले के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं और इस बार दांव सिर्फ सीटों पर नहीं, बल्कि पूरे बिहार की सियासी दिशा पर लगा है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।