BRICS Summit Security: दिल्ली में BRICS सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राजधानी में करीब 35 हजार दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। आयोजन स्थलों, होटलों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में करीब 500 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इनमें कुछ अत्याधुनिक कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट तक पहचानने में सक्षम हैं। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम और एंटी एयरक्राफ्ट गन भी तैनात की गई हैं।
आसमान से भी होगी कड़ी निगरानी
BRICS सम्मेलन के दौरान सुरक्षा केवल जमीन तक सीमित नहीं रहेगी। भारतीय वायुसेना ने हवाई सुरक्षा के लिए मिसाइल तैनात की है। इसके साथ लड़ाकू विमानों से भी निगरानी रखी जा रही है।
विदेशी मेहमानों के लिए 35 सुरक्षित रूट
सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए दिल्ली में 11 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है। इन होटलों से आयोजन स्थलों तक पहुंचने के लिए करीब 35 सुरक्षित रूट तैयार किए गए हैं।
पुतिन के काफिले पर खास नजर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली दौरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनका बख्तरबंद वाहन दिल्ली पहुंच चुका है। रूस की अपनी सुरक्षा टीम भी उनके साथ रहेगी। वहीं, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां बाहरी सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी संभालेंगी।
भारत पहुंचा रूस का ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’
पुतिन जिस विशेष विमान से पहुंचे हैं, उसे रूस के चलते-फिरते कमान केंद्र के तौर पर देखा जाता है। IL-96-300PU विमान को अक्सर ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ कहा जाता है। विमान में अत्याधुनिक संचार और कमांड सुविधाएं मौजूद हैं।
ऑरस सेनेट में सफर करेंगे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति के लिए ऑरस सेनेट बख्तरबंद लिमोजिन भी दिल्ली लाई गई है। उनकी आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी रूसी एजेंसियों के पास रहेगी, जबकि बाहरी सुरक्षा घेरे में भारतीय एजेंसियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मौर्या शेरेटन में ठहरने की तैयारी
पुतिन के दिल्ली प्रवास के दौरान उनके ठहरने के लिए मौर्या शेरेटन होटल को चुना गया है। होटल के आसपास सुरक्षा का विशेष घेरा बनाया जाएगा। उनकी आवाजाही के दौरान निर्धारित रूट पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती रहेगी।
जिनपिंग के लिए भी हाई-लेवल सुरक्षा
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। उनके लिए एयर चाइना का विशेष Boeing 747 राष्ट्रपति विमान तैयार किया गया है। इस विमान में बैठक कक्ष, कार्यालय और बेडरूम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
करीब 400 लोगों का दल आ सकता है साथ
शी जिनपिंग के साथ बड़ा प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंच सकता है। इसमें वरिष्ठ अधिकारी, प्रोटोकॉल कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारतीय और चीनी सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय रखा जाएगा।
खाने से होटल तक हर चीज पर नजर
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा में भोजन और रहने की व्यवस्था भी बेहद अहम होती है। पिछली यात्राओं में चीनी प्रतिनिधिमंडल के लिए अलग रसोई और शेफ की व्यवस्था की जाती रही है। होटल के कमरे, वाहनों और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी रहती है। पूरे होटल परिसर को भी विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रखा जाता है।
क्यों खास है BRICS सम्मेलन?
BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और बड़े प्रतिनिधिमंडल शामिल होने वाले हैं।
जमीन से आसमान तक अभेद्य सुरक्षा
दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय रखी गई है। हजारों जवानों की तैनाती, CCTV निगरानी, स्नाइपर टीम, एंटी-ड्रोन सिस्टम और हवाई सुरक्षा इंतजामों के साथ विदेशी नेताओं की अलग-अलग सुरक्षा टीमें भी सक्रिय रहेंगी। पुतिन और जिनपिंग जैसे शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के कारण राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।



