टीआरपी डेस्क। होटल में समोसा-चाय से लेकर थाली तक सब कुछ अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ऐसी आग लगाई है कि बाजार में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार से 19 किलो वाला सिलेंडर सीधे 993 रुपये महंगा हो गया है। अब डर इस बात का है कि होटल वाले सस्ते के चक्कर में घर में इस्तेमाल होने वाले (14.2 किलो) सब्सिडी वाले सिलेंडर का इस्तेमाल न शुरू कर दें। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों को दो-टूक कह दिया है कालाबाजारी हुई तो सीधे कार्रवाई करें।

तीन महीने में ₹1300 से ज्यादा की बढ़ोतरी

व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है। दिल्ली में जो सिलेंडर 2078 रुपये का था, वो अब 3071 रुपये के पार निकल गया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों में भी इसके दाम आसमान छू रहे हैं। पिछले तीन महीनों का हिसाब देखें तो कमर्शियल सिलेंडर पर कुल 1,303 रुपये का बोझ बढ़ चुका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आम जनता के रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

घरेलू सिलेंडर के डायवर्जन पर सरकार की नजर

कमर्शियल और घरेलू गैस की कीमतों में अब करीब 2000 रुपये का फासला आ गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इसी बड़े अंतर की वजह से होटलों और ढाबों में घरेलू सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल का खतरा बढ़ गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि सब्सिडी का पैसा गरीबों के लिए है, न कि कमर्शियल मुनाफे के लिए। अब राज्यों के सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में विशेष उड़नदस्ता तैनात करें और औचक निरीक्षण बढ़ाएं।

देशभर में छापेमारी, 72 डिस्ट्रीब्यूटरशिप सस्पेंड

कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। बीते बुधवार को ही देशभर में 2300 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसके बाद 72 गैस एजेंसियों को सस्पेंड कर दिया गया है और 336 पर भारी जुर्माना ठोंका गया है। छत्तीसगढ़ के भी प्रमुख शहरों में प्रशासन अब गैस गोदामों और होटलों की बारीकी से जांच करने की तैयारी में है।

नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज

केंद्र ने साफ कर दिया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत राज्य सरकारों के पास पूरी पावर है। बिना कमर्शियल कनेक्शन के होटल चलाना अब महंगा पड़ेगा। घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर कनेक्शन तुरंत कट सकता है। कालाबाजारी करने वाले डीलरों पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।