सीबीआई

टीआरपी डेस्क। सीबीआई ने ओडिशा कैडर 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विष्णुपद सेठी के भुवनेश्वर स्थित आधिकारिक आवास पर छापेमारी की। मामला दस लाख रुपये की रिश्वत जुड़ा हुआ है। छापेमारी के दौरान सीबीआई अधिकारियों और सेठी के बीच तीखी बहस भी हुई।

सेठी ने पत्रकारों से कहा, मेरे खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है, फिर भी सीबीआई ने मेरे घर की तलाशी ली। यह कार्रवाई मुझे बेवजह परेशान करने की कोशिश है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंची, और उनकी टीम में कोई महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी, जबकि मेरी पत्नी घर में अकेली महिला थीं।सेठी की पत्नी ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका परिवार झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने पहले भी सेठी को रिश्वत मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे। 1995 बैच के आईएएस अधिकारी सेठी ने इस मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार करते हुए कहा कि उनका ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड या उसके समूह महाप्रबंधक चंचल मुखर्जी से कोई लेना-देना नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले साल चंचल मुखर्जी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने इस मामले में सात दिसंबर को तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था और बाद में 10 दिसंबर को सेठी को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था।

सीबीआई ने अपने नोटिस में कहा था कि सेठी इस मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत हो सकते हैं, इसलिए उनकी गवाही आवश्यक है। इससे पहले, एजेंसी ने सेठी के वाहन चालकों से भी पूछताछ की थी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।