नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले एसपीजी डायरेक्टर अरुण कुमार आज रिटायरमेंट होने वाले थे। लेकिन उनके रिटायर होने से प्रधानमंत्री की सुरक्षागत कारणों  से भारत सरकार ने SPG डायरेक्टर अरुण कुमार सिन्हा का कार्यकाल 1 साल के लिये बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों अनुसार, हाल ही में कई राज्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक की घटनाएं सामने आई हैं। इसलिए अगले चुनावों तक प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं के पास रहेगी। अरुण सिन्हा केरल कैडर के अधिकारी हैं और आज (31 मई) उनकी सर्विस से रिटायरमेंट थी।

SPG इस समय सिर्फ़ प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात है। अरुण कुमार सिन्हा को अनुबंध के आधार पर दोबारा नियुक्त किया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति कमेटी ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। इसमें कहा गया है कि अरुण कुमार सिन्हा को 31 मई, 2023 को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख से एक साल के लिए एसपीजी के डायरेक्टर के रूप में दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी जाती है। इस दौरान उन्हें डीजी की रैंक और वेतन मिलेगा।

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नियमों में बदलाव
इससे पहले पिछले हफ्ते, गृह मंत्रालय ने एसपीजी के लिए नए नियमों की अधिसूचना जारी की थी। इसमें एसपीजी की सहायता के लिए राज्य सरकारों, सेना, स्थानीय और नागरिक प्राधिकरण द्वारा मानक एसओपी तैयार करने लिए केंद्र सरकार को अधिकार दिया गया है।  नए नियम में यह भी कहा गया है कि एसपीजी के निदेशक के पद पर नियुक्त आईपीएस अधिकारी अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) रैंक से कम नहीं होना चाहिए। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले कई मौकों पर एसपीजी का नेतृत्व एक आईजी और एडीजी रैंक के अधिकारी द्वारा किया जा चुका है क्योंकि इस बारे में स्पष्ट नियम नहीं था ।