केंद्र ने ऑक्सफोर्ड, स्टैनफोर्ड को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति देने के लिए उठाए कदम

नई दिल्ली। भारत ने येल, ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे प्रमुख विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस देश में स्थापित करने और डिग्री प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने गुरुवार को सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए एक मसौदा कानून पेश किया है। यह देश में पहली बार विदेशी शैक्षिक संस्थानों के प्रवेश और संचालन का रास्ता तैयार करेगा।

यूजीसी के मसौदे के मुताबिक, विदेशी शैक्षिक संस्थानों के स्थानीय कैंपस ही घरेलू और विदेशी छात्रों के लिए प्रवेश मानदंड, शुल्क संरचना और छात्रवृत्ति पर फैसला लेंगे। इन संस्थानों को फैकल्टी और स्टाफ की भर्ती करने की स्वायत्तता होगी।

भले ही भारत के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने माइक्रोसॉफ्ट से लेकर अल्फाबेट इंक. तक की कंपनियों में मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिए हैं, मगर वैश्विक रैंकिंग में खराब प्रदर्शन करते हैं। 2022 के वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में 133 देशों में भारत 101 वें स्थान पर है, जो किसी देश की प्रतिभा को विकसित करने, आकर्षित करने और बनाए रखने की क्षमता को मापता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अंतिम मसौदे को अब कानून बनने से पहले मंजूरी के लिए संसद में पेश किया जाएगा।

कुछ विदेशी विश्वविद्यालयों की पहले ही भारतीय संस्थानों के साथ साझेदारी हो चुकी है। जिससे छात्रों को आंशिक रूप से भारत में अध्ययन करने और विदेशों में मुख्य परिसर में अपनी डिग्री पूरी करने की अनुमति मिल गई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।