नई दिल्ली। देश की सेवा के लिए विभिन्न क्षेत्रों में बड़ा योगदान देकर  प्रदेश एवं देश का नाम रौशन करने वाले लोग जिनके नाम इतिहास के पन्नो में दर्ज हैं। उन्हें प्रेरणा श्रोत के रूप में नई पहचान देने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर के सभी 23 एम्स का नाम स्थानीय नायकों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्षेत्र की ऐतिहासिक घटनाओं अथवा स्मारकों के नाम पर रखने का प्रस्ताव किया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इस बाबत सुझाव मांगे जाने के बाद अधिकतर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  ने नामों की सूची सौंप दी है। एक अधिकारी ने बताया कि एम्स अपने सामान्य नाम से जाने जाते हैं और केवल उनके विशिष्ट स्थान से उन्हें पहचाना जाता है।

बता दें कि कई एम्स संचालन में हैं जबकि अन्य प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना  के तहत स्थापित किए जा रहे हैं। सूत्र ने बताया कि इस संबंध में विभिन्न एम्स को विशिष्ट नाम देने के संबंध में सुझाव मांगे गए थे, जिन्हें स्थानीय या क्षेत्रीय नायकों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्षेत्र की विशिष्ट भौगोलिक पहचान से जोड़ा जा सकता है, जहां संबंधित एम्स स्थित है। माना जाता है कि अधिकांश एम्स ने सुझाए गए नामों के लिए व्याख्यात्मक नोट के साथ तीन से चार नामों का सुझाव दिया है।

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छह नए एम्स – बिहार (पटना), छत्तीसगढ़ (रायपुर), मध्य प्रदेश (भोपाल), ओडिशा (भुवनेश्वर), राजस्थान (जोधपुर) और उत्तराखंड (ऋषिकेश) को PMSSY के पहले चरण में मंजूरी दी गई थी और इनका संचालन पूरी तरह शुरू हो चुका है। वहीं, 2015 और 2022 के बीच स्थापित 16 एम्स में से 10 संस्थानों में एमबीबीएस और ओपीडी की सेवाएं शुरू की गई हैं, जबकि अन्य दो में केवल MBBS कक्षाएं शुरू की गई हैं। शेष चार संस्थान निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।