टीआरपी डेस्क। केंद्र सरकार ने पूर्व आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को सरकार द्वारा यह कार्रवाई की गई। इस बर्खास्तगी के बाद पूजा खेडकर के पास अब अदालत में अपील के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।

बता दें कि इससे पहले, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पूजा खेडकर की आईएएस की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी और उन पर धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया था। UPSC की इस कार्रवाई के बाद खेडकर के खिलाफ जांच और तेज हो गई थी।

विकलांगता प्रमाण पत्र पर कोर्ट में सफाई

दो दिन पहले ही, पूजा खेडकर ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपनी विकलांगता की जांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में कराने के लिए तैयार होने की बात कही थी।

बता दें कि पूजा खेडकर ने यह याचिका दिल्ली पुलिस के उस आरोप के बाद लगाई थी जिसमें पुलिस ने दावा किया था कि खेडकर का विकलांगता प्रमाण पत्र फर्जी हो सकता है। इसके जवाब में, खेडकर ने अदालत से अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि वह अपनी विकलांगता की वास्तविकता की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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अदालत में अपील ही आखिरी विकल्प

अब, केंद्र सरकार द्वारा बर्खास्तगी के बाद, पूजा खेडकर के पास कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। उनके खिलाफ चल रहे आरोपों और बर्खास्तगी के कारण उनकी आगे की कानूनी रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।