Grocery Price Hike: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। पिछले दो सप्ताह में रोजमर्रा के कई खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। शक्कर, गुड़, तेल, चावल और दाल के साथ-साथ व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी महंगी हो गई है। ऐसे में त्योहारों के दौरान मिठाई, पकवान और उपवास की सामग्री खरीदना लोगों की जेब पर पहले के मुकाबले ज्यादा भारी पड़ सकता है।
शक्कर की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी नजर आ रही है। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले तक शक्कर लगभग 45 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, जो अब खुदरा बाजार में करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। थोक बाजार में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों के अनुसार करीब 20 दिन पहले थोक में शक्कर 50 से 52 रुपये किलो के आसपास थी, जो अब लगभग 60 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है।
गुड़ और तेल ने भी बढ़ाया खर्च
गुड़ की कीमत भी 60 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 80 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं खाने के तेल में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। चावल और दूसरे खाद्यान्नों के दाम भी बढ़े हैं। त्योहारों में शक्कर और गुड़ की मांग बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है।
व्रत की थाली भी हुई महंगी
महंगाई का असर उपवास में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। व्यापारियों के मुताबिक सिंघाड़ा करीब 150 रुपये से बढ़कर 240 रुपये किलो हो गया है। साबूदाना की कीमत भी 50 रुपये से बढ़कर लगभग 100 रुपये किलो पहुंच गई। फल्लीदाना 100 से बढ़कर 140 रुपये किलो और गरम मसाला 100 से बढ़कर 150 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
कारोबारियों ने बताई बाजार की स्थिति
गोल बाजार व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश साहू के मुताबिक पिछले दो सप्ताह से किराना बाजार में कई वस्तुओं के भाव बढ़े हुए हैं। वहीं गोल बाजार मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश जैन ने बताया कि शक्कर के दाम में करीब 30 से 35 प्रतिशत तक तेजी आई है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान शक्कर की खपत बढ़ने से इसका सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
आयात से राहत की उम्मीद, लेकिन तुरंत नहीं
कारोबारियों के मुताबिक सरकार ने 10 लाख टन शक्कर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके बाद थोक बाजार में करीब 5 रुपये तक की नरमी देखने को मिली है। हालांकि नई खेप बाजार में पर्याप्त मात्रा में पहुंचने तक कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम बताई जा रही है। व्यापारियों का अनुमान है कि अगले करीब 15 दिनों तक रोजमर्रा की कई खाद्य वस्तुओं के भाव ऊंचे रह सकते हैं।
शक्कर के स्टॉक पर अलग नियम
थोक अनाज मंडी डूमरतराई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम पाहुजा के अनुसार करीब 20 दिन पहले शक्कर के भंडारण को लेकर सरकार की ओर से नया प्रावधान आया था। इसके तहत थोक व्यापारी अधिकतम 4,000 क्विंटल तक शक्कर रख सकता है। होटल, स्टोर और कोल्ड ड्रिंक जैसे प्रत्यक्ष उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 1,000 क्विंटल तय की गई है। यह व्यवस्था फिलहाल शक्कर के लिए लागू है।
दो सप्ताह में प्रमुख खाद्य वस्तुओं के भाव
| खाद्य पदार्थ | पहले का भाव (₹/किलो या लीटर) | वर्तमान भाव (₹/किलो या लीटर) |
| शक्कर | ₹45 | ₹60 – ₹70 |
| गुड़ | ₹60 | ₹80 |
| रिफाइंड तेल | ₹150 | ₹185 |
| साबूदाना | ₹50 | ₹100 |
| सिंघाड़ा | ₹150 | ₹240 |
| फल्लीदाना | ₹100 | ₹140 |
| चावल | ₹55 | ₹65 |
| गरम मसाला | ₹100 | ₹150 |


