टीआरपी डेस्क। इंटेलिजेंस ब्यूरो की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को z कैटेगरी की सुरक्षा दी है। बता दें कि सुरक्षा को लेकर TMC के साथ-साथ कई राजनीतिक पार्टियां इस समय हंगामा कर रही है।

इसे देखते हुए ही IB की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट आई थी, जिसके आधार पर ही मुख्य चुनाव आयुक्त को सुरक्षा दी गई है। बता दें कि जेड श्रेणी की सुरक्षा में कुल 33 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं। आर्म्ड फोर्स के 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड वीआईपी के घर पर रहते हैं। 6 राउंड द क्लॉक पीएसओ, 12 तीन शिफ्ट में आर्म्ड स्कॉर्ट के कमांडो, 2 वॉचर्स शिफ्ट में और 3 ट्रेंड ड्राइवर राउंड द क्लॉक मौजूद रहते हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष के लिए होता है। सीईसी की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष और चुनाव आयुक्तों की 62 वर्ष होती है। चुनाव आयुक्त का पद और वेतनमान भारत के सर्वोच्च न्यायलय के न्यायधीश के सामान होता है।

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राजीव कुमार देश के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। 1984 बैच के आईएएस अधिकारी रहे राजीव कुमार ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा की जगह ली है। वे इससे पहले चुनाव आयुक्त भी रह चुके हैं।

राजीव कुमार भारत सरकार में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवा दे चुके हैं। बिहार और झारखंड कैडर के आईएएस रहे राजीव कुमार 2020 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।