रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र: श्री रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में अयोध्या धाम से माता शबरी की भक्ति और प्रतिक्षा का जिक्र करने पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों की ओर से व्यक्त किया आभार

कहा- अयोध्या धाम में श्री रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा से पूरा देश आह्लादित, ननिहाल के लोगों की खुशी का पारावार नहीं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं को साझा किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि अयोध्या धाम से दिये गये संबोधन में प्रधानमंत्री जी ने माता शबरी की भक्ति और भगवान राम के आने की प्रतिक्षा को जिस तरह रेखांकित किया, उसने छत्तीसगढ़वासियों को द्रवित कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि पूरा देश और हम सभी छत्तीसगढ़वासी अयोध्या धाम के श्री राम जन्मभूमि में श्री रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर आह्लादित हैं। भारतीय जनमानस के इस स्वप्न को आकार देने के पीछे करोड़ों रामभक्तों और सैकड़ों बलिदानियों के साथ आपके संकल्प की महती भूमिका रही है।

See also  सावन के हर सोमवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक नया चमत्कार

पत्र में आगे मुख्यमंत्री ने लिखा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है, इसलिए हमारी खुशी का कोई पारावार नहीं है। पूरे छत्तीसगढ़ में इस तिथि को रामोत्सव के रूप में मनाया गया। मैंने इस अवसर पर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का अवलोकन माता शबरी के पवित्र धाम शिवरीनारायण से करने का निश्चय किया। अभिजीत मुहूर्त के शुभ क्षणों में जब आपने श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तो यह हम सबके लिए उल्लास का, भावुकता का और गौरव का क्षण था।

प्रधानमंत्री के संबोधन के संबंध में अपनी बात साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि आपके ओजमयी, गरिमामयी और यशस्वी संबोधन को सुनना हम सबके लिए विलक्षण और प्रेरणादायी अनुभव रहा। इसमें आपने अयोध्या धाम से माता शबरी की प्रतिक्षा का भी स्मरण किया। आपने कहा कि सुदूर कुटिया में जीवन गुजारने वाली मेरी आदिवासी माँ शबरी का ध्यान आते ही अप्रतिम विश्वास जागृत होता है। माँ शबरी तो कब से कहती थी राम आयेंगे। प्रत्येक भारतीय में जन्मा यही विश्वास सक्षम भव्य भारत का आधार बनेगा। यही तो है देव से देश और राम से राष्ट्र की चेतना का विस्तार।

See also  विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग रविवार को करेगा संवाददाता सम्मेलन

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण और पूरे प्रदेश की भावनाओं को साझा करते हुए लिखा कि आपके इन सुंदर शब्दों ने शबरी धाम में रहने वाले शिवरीनारायण के हजारों लोगों और करोड़ों छत्तीसगढ़वासियों तथा देश भर में रहने वाले करोड़ों वनवासियों को द्रवित किया है। इसके लिए माता शबरी के इस धाम से हम आपके प्रति कृतज्ञता का भाव व्यक्त करते हैं। इन वनवासियों ने सैकड़ों बरसों से अपने मन में श्रीराम की मंजूल छवि बसाई है। राम उनकी चेतना के हिस्से हैं। शबरी जैसी माताओं का आदर कर, निषादराज की मित्रता का सम्मान कर भगवान श्रीराम ने हम सबके लिए रामराज्य का आदर्श स्थापित किया है। आपके मार्गदर्शन में और प्रेरणा से श्रीराम के ननिहाल में भी रामराज्य की संकल्पना को मूर्त रूप देने केंद्र सरकार की जनजातीय समूहों के लिए आरंभ की गई योजनाओं का लाभ हम तेजी से इन लक्षित समूहों तक पहुँचा रहे हैं।

पत्र का समापन करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि हम भगवान श्रीराम के ननिहाल की ओर से और माता शबरी के धाम छत्तीसगढ़ से आपको पुनः आभार व्यक्त करते हैं। प्रभु श्रीराम और माता शबरी के लाखों भक्तों की ओर से आपको श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक कार्य के लिए और इस अवसर पर माता शबरी के पुण्य स्मरण के लिए मैं हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

See also  J&K Encounter: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सुरक्षाबलों ने शीर्ष कमांडर समेत 3 आतंकियों को घेरा, दोनों ओर से भारी गोलीबारी

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।