कोटा पुलिस की सराहनीय पहल, खुदकुशी की घटनाएं रोकने के लिए बनाई 'स्टूडेंट सेल'

कोटा। राजस्थान के कोंटा में हो रहे छात्रों के मौत की खबर चिंता का विषय बना है। जिसे लेकर राजस्थान पुलिस सराहनीय पहल कर रही है। दरअसल, छात्रों के आत्महत्या करने की घटनाएं बढ़ने के मद्देनजर शहर पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर उनमें तनाव और अवसाद के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए एक विशेष ‘स्टूडेंट सेल’ की स्थापना की है।

पुलिस छात्र के प्रत्येक गतिविधि जिसमें छात्र की हरकते अलग दिख रही हो उसपर नजर रखती है। आपको कोई परेशान तो नहीं कर रहा ? क्या आपको कोई बात परेशान कर रही है ? क्या आप वास्तव में इंजीनियर या डॉक्टर बनना चाहते हैं ? क्या आप कक्षा में पढ़ाई जा रही बातों को पूरी तरह समझ पा रहे हैं ? क्या मेस में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता अच्छी है ? इन सवालों से कोटा के पुलिस कर्मी छात्र के हालात जानने का प्रयास कर रही है।

कोटा के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंद्रशील ठाकुर ने बताया कि, सेल में एक नियंत्रण कक्ष है, जहां कर्मियों को कॉल रिसीव करने के लिए ड्यूटी पर तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देते हैं और यदि किसी छात्र को करियर से संबंधित कोई भ्रम होता है तो पुलिस छात्रों को परामर्शदाताओं के पास भेजती हैं।

See also  वेतन न मिलने पर कर्मचारी द्वारा आत्महत्या, सरकार के माथे पर कलंकः सुंदरानी

ऐसे करती है काम ‘स्टूडेंट सेल’

स्टूडेंट सेल की टीम छात्रावासों का अचानक दौरा कर छात्रों से सार्थक संवाद करने की कोशिश करती हैं। अगर छात्र में दबाव, तनाव या अवसाद के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उनके माता-पिता को सूचित किया जाता है। टीम सुबह 9 बजे से काम शुरू कर देती है और प्रतिदिन करीब 15 छात्रावासों का दौरा करती है।

छात्र के हर गतिविधि पर नजर

छात्र के तनाव का निवारण हो इसके लिए टीम अब तक करीब 60,000 छात्रों से संपर्क कर चुकी है। साथ ही छात्रावास के वार्डन से भी संपर्क करते हैं ताकि जान सकें। कहीं किसी छात्र के व्यवहार में कोई बदलाव तो नहीं देखने को मिल रहा है। पुलिस का कहना है कि, हमारी कोशिश है कि ऐसे छात्रों की पहचान करके हम कोई घातक कदम उठाने से पहले ही उनकी मदद कर पाएं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्राम

See also  सुप्रीम कोर्ट तीन नए आपराधिक कानूनों के खिलाफ जनहित याचिका पर सोमवार को करेगा सुनवाई

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।