नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया है। ताजा घटनाक्रम में पाकिस्तान ने भारत के 15 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने हर हमले को नाकाम कर दिया। इसी को लेकर आज विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें पाकिस्तान की चाल और उसके इरादे के बारे में सबकुछ बताया।

ड्रोन और मिसाइलों से हमले की कोशिश, भारतीय एयर डिफेंस रहा सतर्क

कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह आज भी विक्रम मिसरी के साथ प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद रहीं। कर्नल सोफिया ने कहा, 07-08 मई 2025 की रात को पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई सैन्य ठिकानों अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, नाल, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, फलोदी, उत्तरलई और भुज को ड्रोन और मिसाइलों के माध्यम से निशाना बनाने की कोशिश की। इन हमलों को इंटीग्रेटेड काउंटर यूएएस ग्रिड और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम्स द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया। इनका मलबा अब कई स्थानों से बरामद किया जा रहा है, जो पाकिस्तानी हमले को साबित करता है।

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भारत ने पाक के एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया

आज सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई स्थानों पर एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया। भारत की यह प्रतिक्रिया उसी क्षेत्र में और उसी तीव्रता के साथ दी गई है, जैसी पाकिस्तान की थी। विश्वसनीय तौर पर यह पता चला है कि लाहौर में स्थित एक एयर डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया गया है।

LoC पर पाकिस्तानी गोलाबारी में 16 नागरिकों की मौत

पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। इसने जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में मोर्टार और भारी तोपखानों का उपयोग किया जा रहा है। पाकिस्तानी गोलीबारी में 16 निर्दोष नागरिकों की जान गई है, जिनमें तीन महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। इन हालातों में भी भारत को मजबूरी में जवाब देना पड़ा ताकि पाकिस्तान की मोर्टार और तोपों की गोलीबारी को रोका जा सके।

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पहलगाम हमला था असली उकसावा

विक्रम मिसरी ने कहा, पहलगाम पर हमला असली उकसावे की शुरुआत थी। वहीं से हालात बिगड़ने शुरू हुए। हमने कल उस उकसावे का जवाब दिया। टीआरएफ (TRF) लश्कर-ए-तैयबा का ही एक अज्ञात फ्रंट है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में टीआरएफ का कोई जिक्र नहीं होने दिया। पाकिस्तान की ओर से बहुत सी भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। हमारा इरादा मामले को बढ़ाने का नहीं रहा है। हम केवल मूल उकसावे का जवाब दे रहे हैं।

पाकिस्तान में आतंकियों को ‘राजकीय सम्मान’

अब पाकिस्तान इससे पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री को उनके ‘पाकिस्तान में कोई आतंकवादी नहीं’ वाले बयान पर चुनौती दी गई। ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता पाई गई है। हमने देखा है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री दोनों ने आतंकवादियों को शरण देने की बात स्वीकार की है। पाकिस्तान में आतंकवादियों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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