सिद्धारमैया

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी अभी संकट के दौर से गुजर रही है। इसके बावजूद कांग्रेस के कई नेता पार्टी विरोधी बयानबाजी देकर कांग्रेस को और मुसिबत में डाल रहे है। हाल ही में सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई चिंतन शिविर कांग्रेसी नेताओं को अनर्गल बयानबाजी से बचने के लिए कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कोंग्रेसी नेता बयानबाजी से नहीं चूक रहे हैं। इसी तरह का मामला कर्नाटक में कांग्रेस नेता सिद्धारमैया का एक विवादित बयान सामने आया है।  उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान सिद्धारमैया  ने कहा है कि वह जब चाहेंगे बीफ खा सकते हैं। इस  दौरान वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर भी जमकर आरोप लगाए।

 कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं हिंदू हूं। मैंने अभी तक बीफ नहीं खाया है, लेकिन अगर मैं चाहूं, तो खा सकता हूं। आप मुझसे सवाल पूछने वाले कौन हैं? उन्होंने कहा कि बीफ खाने वाले केवल एक समुदाय के नहीं होते, हिंदू भी बीफ खाते हैं, ईसाई भी खाते हैं। मैंने यह एक बार कर्नाटक विधानसभआ में भी कहा था। आप मुझसे बीफ नहीं खाने के लिए कहने वाले होते कौन हैं?

सिद्धारमैया ने इस दौरान आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे इंसानों के बीच फर्क पैदा करते हैं।  यह कहते हुए कि वह जब चाहें बीफ खा सकते हैं, उन्होंने कहा कि यह खाने की आदत है औऱ यह मेरा अधिकार है। क्या केवल मुसलमान बीफ खाते हैं?

गौरतलब है कि हाल ही में कर्नाटक में  हलाल मीट का मुद्दा सामने आया था। जिसके बाद राज्य सरकार की तरफ से 2021 में बनाए गए कानून के तहत मवेशियों को खरीदने, बेचने, वध करना गैर-कानूनी था। इसमें गाय, भैंस, बैल शामिल हैं। वहीं,  कानून का उल्लंघन करते पाए जाने वालों को 50 हजार से 5 लाख रुपए का जुर्माना और सात साल की जेल शामिल है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।