Corona Vaccine

टीआरपी डेस्क। महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनी पर वैक्सीन के फॉर्मूले की चोरी का आरोप लगा है। इस कंपनी पर अमेरिका की एक कंपनी ने 7200 करोड़ रुपए का दावा किया है। पुणे की एमक्योर (Emcure) फार्मा कंपनी पर आरोप है कि इसने कोरोना वैक्सीन का फॉर्सूला चोरी करके अपनी वैक्सीन बनाई है।

अमेरिका की एचडीटी बायो कॉर्प नाम की कंपनी ने वॉशिंगटन के कोर्ट में पुणे के एम्क्योर कंपनी के खिलाफ 95 करोड़ का डॉलर का दावा ठोका है। अमेरिकन कंपनी की इस कार्रवाई से फार्मा इंडस्ट्रीज में खलबली मच गई है। एचडीटी बायो ने कहा है कि पुणे की कंपनी ने नए कोरोना वैक्सीन का फॉर्मूला चुराया है और इसी चुराए फॉर्मूले से वैक्सीन बनाई है।

एम्क्योर कंपनी की सहायक कंपनी जेनोवा को उसने कोरोना वैक्सीन बनाने और बेचने का लाइसेंस दिया था। इस नए वैक्सीन में रोगनिरोधक शक्ति बढ़ाने वाले आरएनए पहुंचाने के लिए लिपिड अकार्बनिक नैनोपार्टिकल-लायओन फॉर्म्यूलेशन इस्तेमाल किया जाता है।

See also  Prajwal Revanna sex scandal: भारत लौटे प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार, SIT आज कोर्ट में करेगी पेश, देखें वीडियो

जुलाई 2020 में एचडीटी बायो ने भविष्य में इस भावी योजना वाली कोरोना वैक्सीन के लिए मैसेंजर या mRNA तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत को ध्यान में रख कर जेनोवा बायोफॉर्मास्यूटिकल के साथ करार किया था। अमेरिकन कंपनी का दावा है कि पुणे की इस कंपनी ने करार की शर्तों का पालन नहीं करते हुए फॉर्मूले को चुरा लिया और अपनी वैक्सीन बनाने लगी।

एक रिपोर्ट के अनुसार मामले में एमक्योर कंपनी की दलील है कि जो भी करार किया गया था वो जेनोआ बायो फार्मास्यूटिकल और एचडीटी कंपनी के बीच किया गया था। इसलिए विवाद से जुड़ा जो भी मुद्दे हैं वे इन्हीं दोनों कंपनियों के बीच के हैं। इसमें एमक्योर कंपनी बीच में कहीं नहीं है। एमक्योर कंपनी का इस विवाद से कोई लेना-दैना नहीं है। ऐसे में अमेरिकन एचडीटी द्वारा किए गए दावे में एम्क्योर को पार्टी बनाना गलत है। एमक्योर को बीच में घसीटने की कोई वजह नहीं है।

See also  रशियन फेलियर डॉक्टरों को आयुष्मान भारत योजना में दी गई बड़ी जिम्मेदारी!

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।