टीआरपी डेस्क। दिल्ली की हवा इन दिनों लगातार जहरीली बनी हुई है। प्रदूषण की वजह से राजधानी में सांस लेना दूभर हो गया है। तमाम कोशिशों के बाद भी राजधानी में हवा की गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। ये हाल इन दिनों पूरी दिल्ली का है। दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने कृत्रिम बारिश करवाने पर विचार कर रही है।

कुछ जगहों पर AQI 450 से ज्यादा

दिल्ली में आज सुबह कुछ जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 से ज्यादा दर्ज किया गया। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में, बवाना (437), नजफगढ़ – (450), न्यू मोती बाग (450)आरके पुरम (453), पंजाबी बाग (444), आईटीओ (441) और आनंद विहार में (432) है. वहीं नोएडा में आज का औसत एक्यूआई 461 है, जो कि बेहद गंभीर श्रेणी है।

वहीं गुरुग्राम का औसत एक्यूआई आज 396, फरीदाबाद का औसत एक्यूआई 414, गाजियाबाद का औसत एक्यूआई 370 है.राष्ट्रीय राजधानी जहरीले धुएं की चादर में लिपटी हुई है, जिसकी वजह से डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों में सांस और आंखों की बीमारियों की बढ़ती संख्या के बारे में चिंता जताई है।

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वहीं राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण संकट से निपटने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्ताव दिया है कि दिल्ली सरकार अन्य राज्यों में पंजीकृत ऐप-आधारित टैक्सियों को राष्ट्रीय राजधानी के भीतर चलाने पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करे।

दिल्ली सरकार ने बिगड़ती हवा को देखते हुए राजधानी के सभी स्कूलों के लिए विंटर ब्रेक का ऐलान कर दिया है। दिसंबर में मिलने वाली सर्दियों की छुट्टियों को 9 से 18 नवंबर तक एडजस्ट करने की बात सरकार ने कही है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।