टीआरपी डेस्क। क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द कटौती की उम्मीद बढ़ गई है। घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते तेल कंपनियों को 2-3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गुंजाइश मिली है। इससे आम जनता को राहत मिल सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

भारत ने सितंबर में जो कच्चा तेल आयात किया, उसके एक बास्केट की कीमत औसतन 74 डॉलर प्रति बैरल थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मार्च में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। उस वक्त कच्चा तेल लगभग 83-84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था।

तेल कंपनियों के मुनाफे में सुधार

ICRA के अनुसार, कच्चे तेल की गिरती कीमतों से भारतीय तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को फायदा हो रहा है। अगर यह स्थिति बनी रहती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द ही कटौती देखने को मिल सकती है।

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संभावित कटौती की तारीख

प्रतिष्ठित इन्वेस्टमेंट फर्म CLSA की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 अक्टूबर के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की अगुआई वाला गठबंधन कीमतों में कमी पर विचार कर सकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।