टीआरपी। Drug-free India campaign : देशभर में 18 नवम्बर को नशामुक्त भारत अभियान (NMBA) की पाँचवीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य कार्यक्रम अमृतसर, पंजाब में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश वर्चुअल माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ को भी नशामुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

नशे से दूर रहने का संदेश

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों, विभागीय संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। राज्यभर में नशा छोड़ने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है।

70 स्थानों से वर्चुअल जुड़ेंगे

छत्तीसगढ़ में 70 स्थानों से वर्चुअल जुड़ने की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर कलेक्टोरेट, जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों से लगभग 26 हजार 190 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

25 विश्वविद्यालय से साढ़े चार लाख और 2131 संस्थानों से साढ़े तीन लाख प्रतिभागी

राज्य के 25 विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 4 लाख 48 हजार 995 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। अन्य विभागों के अधीन आने वाले 2,131 संस्थानों में 3 लाख 37 हजार 890 प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

स्वयं सहायता समूहों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदेश के 28 हजार 753 स्वयं सहायता समूहों एवं आशा समूहों के माध्यम से लगभग 2 लाख 50 हजार 234 लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा 46 हजार 842 प्रतिभागियों के अन्य स्थानों से वर्चुअल रूप से जुड़ने की उम्मीद है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।