नई दिल्ली। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों से 54 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ ईडी ने छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने शहनवाज अहमद जीलानी और उसके दो साथी विपिन शर्मा और विराज सिंह को गिरफ्तार किया है। ईडी ने जयपुर, नागपुर, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ में 14 ठिकानों पर छापेमारी करके 90.37 लाख रुपये जब्त किए। ये लोग कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों को सस्ते लोन दिलाने का झांसा दे ठगते थे। अब तक ये लोग 54 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं।


विदेशी नागरिकों से ऐसे करते ठगी
एजेंसी को इनके मथुरा के कॉल सेंटर से हजारों की तादाद में विदेशी नागरिकों की जानकारियां मिली जिन्हें ये पिछले कुछ सालों में ठग चुके हैं। फिलहाल ये मथुरा में दो कॉल सेंटर चला रहे थे जो रात के वक्त चलते हैं और अमेरिका, कनाडा और फिलीपींस समेत दूसरे देश के नागरिकों को अपना निशाना बना रहे थे।


जांच में सामने आई ये बात
जांच में पता चला कि इन कॉल सेंटर में काम करने वाले ज्यादातर वही लोग हैं जो पहले जयपुर में कॉल सेंटर के जरिए धोखाधड़ी में शामिल थे. उन लोगों को राजस्थान पुलिस की साइबर टीम ने पकड़ा था।


कंपनी का रखा था डमी नाम
ईडी ने राजस्थान पुलिस की दर्ज एफआईआर पर ही मनी लॉड्रिग का मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। उसी के बाद पता चला कि इन आरोपियों ने अमेरिका में फर्जी नाम से कंपनी खोल रखी है और उसमें डमी नाम से आदमी को रखा हुआ है जो डेविड मोरिसन है. एजेंसी ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर 5 जुलाई तक रिमांड पर लिया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।