टीआरपी डेस्क। राशन वितरण में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की। ED ने पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक के सहयोगी बारिक बिस्वास से जुड़ी संपत्तियों सहित पश्चिम बंगाल में 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। केंद्रीय बलों के साथ ईडी अधिकारियों ने राजरहाट, बारासात, बशीरहाट, भांगर और देगंगा में छापेमारी की।

मिली जानकारी के अनुसार, ‘चावल और आटा मिलों के साथ-साथ ऐसे व्यवसायियों के कार्यालय भी हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से घोटाले में शामिल हैं। इनमें देगंगा के दो तृणमूल कांग्रेस नेता भी शामिल हैं, जिनकी मिलों की तलाशी ली जा रही है।’

ईडी ने घोटाले में कथित भूमिका के लिए राज्य के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि वह पहले खाद्य मंत्री के पद पर कार्यरत थे। जानकारी के लिए बता दें कि बिस्वास एक चावल मिल मालिक है जो मलिक का करीबी है। सूत्रों के अनुसार, ईडी अधिकारियों ने मंगलवार सुबह बिस्वास के बशीरहाट स्थित घर और राजारहाट स्थित अपार्टमेंट की तलाशी ली।

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बता दें कि ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या बिस्वास और राशन भ्रष्टाचार मामले में कथित तौर पर गबन की गई बड़ी रकम के बीच कोई संबंध है। सूत्रों ने बताया कि बिस्वास से पूछताछ के अलावा ईडी उनके बैंक और कारोबारी दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।