Election Commission

टीआरपी डेस्क। चुनावी सुधारों को लेकर गंभीर चुनाव आयोग ने देश के और 111 गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों को अपनी सूची से हटा दिया है। साथ ही इनके चुनाव चिन्ह और मिलने वाली सभी तरह की सुविधाएं भी छीन ली हैं। बता दें कि निर्वाचन आयोग इससे पहले भी 87 गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई कर चुका है।

बता दें कि चुनाव आयोग ने गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के संकेत पिछले दिनों ही दिए थे। इसमें 21 सौ से ज्यादा दलों को नियमों का पालन नहीं करने का आरोपित पाया गया था। आयोग ने इन सभी दलों को नोटिस भी जारी किया था।

इनमें से तीन ऐसे दल भी थे, जो गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल पाए गए है। यह कार्रवाई वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 की रिपोर्ट के आधार पर की है। इसमें बड़ी संख्या में आयोग को चंदे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी है। अकेले वर्ष 2019-20 में ऐसे दलों की संख्या 23 सौ से अधिक है। जिसके बाद से चुनाव आयोग सभी दलों की जांच पड़ताल में लग गई है।

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चुनाव सुधार की इस मुहिम में चुनाव आयोग ने अब राजनीतिक दलों को मिलने वाले छोटे-छोटे चंदे पर भी नजर रखने की रणनीति तैयार करने में जुटा है। इसमें राजनीतिक दलों को ऐसे सभी चंदे का ब्योरा भी देना होगा, जो भले ही 20 हजार से कम होगा।

आयोग के मुताबिक राजनीतिक दल 20-20 हजार से कम की राशि में कई किस्तों में लेकर ब्योरा देने से बच जाते है। आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कानून मंत्रालय को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही इसकी मंजूरी मिल जाएगी, इसे लागू कर दिया जाएगा।

इसके इसके अलावा एक व्यक्ति से एक सीट से ही चुनाव लड़ने की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है। अगर कोई प्रत्याशी दो जगहों से लड़ेगा और एक सीट छोड़ेगा, तो चुनाव का पूरा खर्च उससे लिए जाने आदि का प्रस्ताव शामिल है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।