नई दिल्ली। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के मुंबई ऑर्थर रोड जेल में रखने की पूरी तैयारी हो गई है। उसे जल्दी ही भारत लाने की खबर भी आ गई थी, लेकिन आखिरी वक्त में पेच फंस गया। ब्रिटेन की सरकार के मुताबिक, कुछ कानूनी पेच हैं जिन्हें सुलझाने के बाद ही माल्या का भारत प्रत्यर्पण हो सकता है।
बता दें कि यूके के सुप्रीम कोर्ट ने माल्या के भारत प्रत्यर्पण पर पिछले महीने आखिरी मुहर लगा दी थी। उसके बाद भारत को 28 दिनों के अंदर सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए माल्या को वापस लाना है। चूंकि यूके कोर्ट का फैसला 14 मई को ही आया था, ऐसे में भारत के पास अब सिर्फ एक सप्ताह का वक्त है।

बचे हैं कुछ कानूनी मुद्दे
यूके उच्चायोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला बेहद गोपनीय है। उन्होंने कहा, ‘हम नहीं बता सकते कि बाकी की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में कितना वक्त लगेगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले महीने प्रत्यर्पण के खिलाफ विजय माल्या की अपील खारिज हो गई थी और यूके की सर्वोच्च अदालत ने उसे आगे अपील करने से भी रोक दिया। हालांकि, माल्या के प्रत्यर्पण की व्यवस्था करने से पहले कुछ कानूनी मुद्दों को निपटाना होगा।’
9 हजार करोड़ लेकर भागा माल्या
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 21 मई को कहा था कि भारत माल्या के सारे कानूनी विकल्प खत्म हो जाने के बाद से ही उसके प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटिश सरकार के संपर्क में है। विजय माल्या यूके के हाई कोर्ट में अप्रैल में ही मुकदमा हार गया था। फिर मई में वहां की शीर्ष अदालत ने 64 वर्षीय माल्या को आखिरी झटका दिया। माल्या 2 मार्च, 2016 को भारत से गुपचुप तरीके से भाग गया था। ब्रिटेन की पुलिस स्कॉटलैंड यार्ड ने उसे 18 अप्रैल, 2017 को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, लंदन की अदालत ने उसे कुछ ही घंटों में जमानत पर रिहा कर दिया। यूके हाई कोर्ट ने अप्रैल में लंदन की चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बथनॉट के दिसंबर 2018 के फैसले को जारी रखा था। माल्या पर भारत के 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।