थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च का FCRA लाइसेंस हुआ सस्पेंड, कानूनों के उल्लंघन का आरोप

टीआरपी डेस्क। केंद्र सरकार ने ‘पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक’ सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) का फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल सितंबर में सीपीआर और ऑक्सफैम इंडिया पर इनकम टैक्स सर्वे के बाद लाइसेंस की जांच चल रही थी। जिसके बाद कानूनों के उल्लंघन के आरोप में सीपीआर का एफसीआरए लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।

ऑक्सफैम का एफसीआरए लाइसेंस पिछले साल जनवरी में निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद गैर सरकारी संगठन ने गृह मंत्रालय में एक पुनर्विचार याचिका दायर की थी। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत दिए गए लाइसेंस के निलंबन के साथ, सीपीआर विदेश से कोई धन प्राप्त नहीं कर पाएगा।

इसके अलावा कई गैर सरकारी संगठनों के समीक्षा और नवीनीकरण आवेदन अभी भी प्रक्रिया में हैं और पिछले छह महीनों में कई लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं या समाप्त हो गए हैं। इस साल की शुरुआत में, 6,000 से अधिक एनजीओ जिनके लाइसेंस वापस ले लिए गए थे।

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विदेशी अनुदान प्राप्त करने के लिए, एनजीओ को गृह मंत्रालय से पंजीकृत होना चाहिए, जो हर पांच साल में नवीनीकृत होने के लिए एक अद्वितीय एफसीआरए पंजीकरण संख्या प्रदान करता है। एमएचए ने पिछले साल सितंबर में सभी गैर-सरकारी संगठनों के एफसीआरए पंजीकरण की वैधता को 31 मार्च, 2023 तक बढ़ा दिया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।