Supreme Court Real Estate Judgment: अगर आपने रायपुर या भिलाई जैसे बड़े शहरों में अपना सपनों का आशियाना लिया है और बिल्डर ने पजेशन में देरी की है, तो यह खबर आपके लिए है। अक्सर बिल्डर कहते हैं कि एक बार फ्लैट का चाबी ले ली, तो कहानी खत्म। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर फुल स्टॉप लगा दिया है।

कब्जा ले लिया, तो क्या अब शिकायत नहीं कर सकते?

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि फ्लैट का कब्जा लेने के बाद भी आप रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर सकते हैं। पहले NCDRC ने कहा था कि चाबी मिलने के बाद घर खरीदार कंज्यूमर नहीं रहा। कोर्ट ने इस फैसले को रद कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि अगर पजेशन में देरी हुई है, तो मुआवजा पाने का हकदार खरीदार ही है। इसे बिल्डर या कंपनियां छीन नहीं सकतीं।

आर्बिट्रेशन क्लॉज से डराने की कोशिशें फेल

कई बार बिल्डर एग्रीमेंट में आर्बिट्रेशन क्लॉज (Arbitration Clause) लिख देते हैं ताकि खरीदार कोर्ट न जा सके। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि ये क्लॉज खरीदार को शिकायत करने से नहीं रोक सकते।

इस केस में एक घर खरीदार ने साल 2005 में शिकायत की थी, जिसे अब दोबारा शुरू करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने साफ कहा कि देरी का मुआवजा मांगना खरीदार का बुनियादी अधिकार है।

अब आगे क्या होगा?

  • कंज्यूमर फोरम को अब 1 साल के अंदर फैसला लेना होगा।
  • सिर्फ कब्जा मिलना ही काफी नहीं, देरी के लिए ब्याज या कंपनसेशन भी मिलेगा।
  • बिल्डर के साथ हुए एग्रीमेंट में कोई भी शर्त आपको कानूनी लड़ाई से नहीं रोक सकती।

अगर आप भी ऐसी ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो अब बिना डरे कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खटखटाएं। कानून अब आपके साथ खड़ा है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।