टीआरपी डेस्क। अमेरिका और ईरान (Iran-US War) के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग ने भारतीय विमानन क्षेत्र की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में हवाई टिकटों की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जिससे समर वेकेशन की प्लानिंग कर रहे यात्रियों को बड़ा झटका लग सकता है।

ईंधन की लागत और टिकट दरों का गणित

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) किसी भी एयरलाइन के परिचालन खर्च का लगभग 30-40 प्रतिशत हिस्सा होता है। जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो एटीएफ की लागत अपने आप बढ़ जाती है। चूंकि एयरलाइंस पहले से ही कम मार्जिन पर काम कर रही हैं, इसलिए वे इस बढ़ी हुई लागत का बोझ सीधे यात्रियों पर डालने को मजबूर हैं।

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28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के समय ब्रेंट क्रूड 72.48 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो अब उछलकर 80 डॉलर के करीब पहुंच गया है। ट्रेवल प्लेटफॉर्म वंडरऑन के सीईओ गोविंद गौर के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल जारी रहा, तो घरेलू हवाई किराए में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि होना तय है।

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों मार्गों पर असर

यह केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय रूटों पर एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों के डायवर्जन के कारण किराया पहले ही बढ़ चुका है, लेकिन अब घरेलू रूट्स भी इसकी जद में हैं।

इंटरनेशनल फ्लाइट्स: युद्ध क्षेत्र के ऊपर से उड़ान प्रतिबंधित होने के कारण रास्ता लंबा हो गया है, जिससे ईंधन की खपत और परिचालन समय बढ़ गया है।

घरेलू फ्लाइट्स: दिल्ली-मुंबई, बेंगलुरु-दिल्ली और मुंबई-हैदराबाद जैसे व्यस्त मार्गों पर किराए में वृद्धि के शुरुआती संकेत मिलने लगे हैं।

यदि मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता है, तो विमानन कंपनियां मार्च के दूसरे सप्ताह से आधिकारिक तौर पर फ्यूल सरचार्ज (Fuel Surcharge) लागू कर सकती हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी छुट्टियों की बुकिंग एडवांस में कर लें ताकि आखिरी समय में होने वाली भारी बढ़ोतरी से बचा जा सके।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।