नगांव। असम में बाढ़ की स्थिति सोमवार से ही गंभीर हो गई है। नागांव जिले में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। करीब 30,000 लोग अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ के पानी से हातिमुरा तटबंध का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से टूट गया। इसके कारण मध्य असम जिले के कलियाबोर इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है।

25 गांव हुए प्रभावित

कालियाबोर उप-मंडल क्षेत्र में बाढ़ से 25 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। बता दें कि बाढ़ के पानी ने 1099.5 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। कई लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं और अब बाढ़ के पानी के कारण सड़कों और ऊंची जगहों पर शरण ले रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के कारण उन्हें बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और कई बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन और पीने के पानी की भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

See also  Budget Session : योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग, कहा- शर्म करो, अपने पिता का सम्मान नहीं कर पाए

हर संभव मदद करेगी केंद्र सरकार

इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बाढ़ की तैयारियों का आकलन करने सहित राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरमा ने हिंदी में एक पोस्ट में कहा, ‘हम राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। आश्रय, स्वास्थ्य जांच और पर्याप्त भोजन आदि की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी मुझे आश्वासन दिया है कि यदि कोई आवश्यकता होगी, तो केंद्र सरकार तत्काल मदद करेगी।