छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वालों की संख्या हुई एक करोड़ के पार

टीआरपी डेस्क। भारत में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने दहशत बढ़ा दी है। 4 दिन में ही इसके 5 मामले सामने आ चुके हैं। जिसके मद्देनजर सभी राज्यों ने अपने-अपने स्तर पर एहतियाति उपाय करना शुरू कर दिया है।

वहीं, कोरोना वैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या वैक्सीन कोविड के इस ‘चिंताजनक’ वेरिएंट पर कारगर है या नहीं। एक हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत में इस्तेमाल हो रहीं कोरोना की वैक्सीन्स ओमीक्रोन वेरिएंट के खिलाफ देश की लड़ाई में प्रभावी हैं।

टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक्स एंड सोसाइटी के डायरेक्ट डॉ. राकेश मिश्रा (Former CSIR Chief Rakesh Mishra) ने हाइब्रिड इम्युनिटी (Hybrid Immunity) की प्रभावशीलता के बारे में बात करते हुए कहा, ‘परिणाम बताते हैं कि हाइब्रिड इम्युनिटी नए वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी है। इन बातों का वैज्ञानिक सत्यापन हो रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘वायरस के खिलाफ तीन तरह की इम्युनिटी है संक्रमण से आने वाली प्राकृतिक इम्युनिटी (Natural Immunity), वैक्सीन से आने वाली वैक्सीन इम्युनिटी (Vaccine Immunity) और हाइब्रिड इम्युनिटी, जिसमें पहले से संक्रमित व्यक्ति को भी वैक्सीन लग जाती है।

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डॉ मिश्रा ने आगे वैक्सीनेटेड आबादी पर हाइब्रिड इम्युनिटी के प्रभाव के बारे में बताया और कहा कि इससे लोगों को सुरक्षा मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि यह तब होगा जब लोग प्राकृतिक रूप से संक्रमित होंगे और फिर उनका वैक्सीनेशन होगा। कुछ लोग ऐसे भी रहे हैं, जो कोरोना से संक्रमित तो हुए, मगर लक्षण नहीं दिखने की वजह से उन्हें इस बारे में पता नहीं चल पाया। यह एक बड़ी संख्या में हाइब्रिड इम्युनिटी होगी.’

भारत में ओमीक्रोन मामलों का आना “वेकअप” कॉल है? इसका जवाब देते हुए मिश्रा ने कहा, ‘यह इस बात के लिए ‘वेकअप कॉल’ है कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और सभी सावधानियां बरतने की जरूरत है।’ वहीं, ओमीक्रोन वेरिएंट के लक्षणों के बारे में बात करते हुए एक्सपर्ट ने कहा कि अधिकांश लोग ऐसे हो सकते हैं, जिनमें इसके लक्षण दिखाई न दें। जबकि कुछ लोगों में कम गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए ओमीक्रोन को सामान्य सर्दी समझने की गलती न करें। डॉ मिश्रा ने आगे कहा कि इस साल की शुरुआत में भारत में दूसरी लहर लाने वाले डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) की तुलना में ओमीक्रोन ज्यादा संक्रामक हो सकता है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।