नई दिल्ली। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की सदस्य आशिमा गोयल ने कहा है कि गरीब किसानों के खातों में पैसे भेजकर उनकी देखभाल करने के बाद सरकार कराधान ढांचे में ‘निष्पक्षता’ लाने के लिए अमीर किसानों पर आयकर लगाने के बारे में सोच सकती है।

गोयल ने कहा, ‘‘किसानों को सरकार से धन का हस्तांतरण एक नकारात्मक आयकर की तरह है। इसके साथ ही अमीर किसानों के लिए एक सकारात्मक आयकर लागू किया जा सकता है, जो कम कर-दरों और न्यूनतम छूट वाली डेटा-समृद्ध प्रणाली की तरफ बढ़ने का हिस्सा है।’’ उन्होंने भारत में कृषि आय पर कर लगाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘गठबंधन सरकारों को आम सहमति बनाने की दिशा में काम करना होता है जो एक अच्छी बात है। लेकिन वे ऐसी नीतियों का भी समर्थन करते हैं जो उनके घटक दलों के लिए अल्पकालिक लाभ देने वाली होती हैं लेकिन लंबे समय में उनसे वृद्धि को नुकसान पहुंचता है।’’ इसके साथ ही गोयल ने कहा कि एक-दलीय सरकार टिकाऊ दीर्घकालिक वृद्धि को सक्षम बनाने वाले कदम उठा सकती है लेकिन उसे गलत निर्णय लेने से बचने के लिए विभिन्न समूहों से प्रतिक्रिया और रचनात्मक आलोचना के लिए भी खुला होना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि भारत में जीवंत निजी क्षेत्र के साथ सक्षम बनाने वाली सरकारी पहल का भी अच्छा मिश्रण है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि उत्पादकता बढ़ाने वाले नवाचार को बढ़ावा दिया जाए तो यह (भारत) वृद्ध होने से पहले ही अमीर बन सकता है।’’ उन्होंने कहा कि इसके लिए निजी स्वतंत्रता और क्षमताओं की अच्छी तरह से डिजाइन की गई सरकारी सुविधा की जरूरत है जिसे समझदारी भरे नियमन के साथ सुरक्षा हासिल हो।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।