दालों की कीमत कम करने सरकार का बड़ा फैसला, अरहर और उड़द दाल के आयात पर कोई पाबंदी नहीं

नई दिल्ली। घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्र सरकार ने मार्च 2023 तक अरहर दाल और उड़द दाल के आयात को मुक्त श्रेणी में रखने का फैसला किया है। मुक्त श्रेणी में डाले जाने का मतलब है कि इन दालों के आयात पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

सरकार ने बयान जारी कर कहा है, घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने के सक्रिय कदम के तहत केंद्र ने 31 मार्च, 2023 तक अरहर और उड़द के आयात को मुक्त श्रेणी के तहत रखने के निर्णय को अधिसूचित किया।सरकार के अनुसार, इस नीतिगत उपाय को संबधित विभागों और संगठनों द्वारा सुविधाजनक उपायों और इसके कार्यान्वयन की बारीकी से निगरानी के साथ सहयोग दिया गया है।

इस फैसले ने अगले वित्त वर्ष में तुअर और उड़द के लिए आयात नीति व्यवस्था से जुड़ी अटकलों पर विराम लगा दिया है। यह नीति एक स्थिर व्यवस्था का भी संकेत देती है। इस नीति से सभी अंशधारकों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इस उपाय से देश में दालों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए इनका निर्बाध आयात सुनिश्चित किया जा सकेगा। गौरतलब कि इन दालों की उपलब्धता में बढ़ोतरी से इनके दाम घटेंगे और इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को पहुंचेगा।

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दरअसल, केंद्र सरकार ने 15 मई, 2021 से तहत अरहर, उड़द और मूंग के आयात को ‘मुक्त श्रेणी’ में डाल दिया था जो 31 अक्टूबर, 2021 तक वैध था। बाद में मूंग दाल को इस श्रेणी से निकाल दिया गया और अरहर व उड़द के आयात के संबंध में मुक्त व्यवस्था को 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया गया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।