Hathras Satsang Accident: हाथरस भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट तथा इलाहाबाद हाई कोर्ट से दखल की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाने तथा यूपी सरकार से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की मांग सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने अपनी याचिका में की है।

इसमें उनका यह भी कहना है कि ऐसे आयोजनों के लिए गाइडलाइन बनाई जाए। इधर इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने चीफ जस्टिस को भेजी लेटर पिटीशन में इस हादसे की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि लेटर पिटीशन को जनहित याचिका के तौर पर सुना जाए।

जानें पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, जिले के सिकंदराराऊ कस्बे के पास एटा रोड पर स्थित गांव फुलरई में सत्संग के बाद बड़ा हादसा हुआ। भगदड़ का मुख्य कारण यह था कि यहां कथा कहने आए कथावाचक भोले बाबा का काफिला निकल रहा था। इस दौरान सत्संग में शामिल श्रद्धालु भी अपने घर को निकल रहे थे।

बाबा के काफिले को निकालने के लिए भीड़ को एक हिस्से से को रोका गया, इसी दौरान भगदड़ मच गई। इसमें 121 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में हाथरस और एटा के रहने वाले हैं।

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