बड़ी खबरः मदनवाड़ा केस में मुकेश गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

टीआरपी डेस्क। हिज़ाब विवाद पर कल कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिज़ाब बैन करने का फैसला सुनाया था। जिसके बाद इस मसले को लेकर याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई होली की छुट्टियों के बाद शुरू करेगा। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह होली के बाद इस मामले में सुनवाई की तारीख तय करेगा।

इसी के साथ कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े की तत्काल सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया। हेगड़े की मांग थी कि, इस मामले की सुनवाई सोमवार को ही की जाए। हालांकि, कोर्ट ने कहा है कि वह होली की छुट्टियों के बाद सुनवाई से जुड़ी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा।

कॉमन ड्रेस कोड पर जल्द सुनवाई जरुरी नहीं :सुप्रीम कोर्ट

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट कॉमन ड्रेस कोड पर भी जल्द सुनवाई करने से मना कर दिया। भाजपा नेता व वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर की गई याचिका में मांग की गई है कि देश के सभी स्कूलों में कॉमन ड्रेस कोड लागू किया जाए और इस पर जल्द से जल्द सुनवाई हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, इस मामले को जल्द सुना जाना जरूरी नहीं है। भाजपा नेता का कहना है कि कॉमन ड्रेस कोड से सामाजिक और राष्ट्रीय एकता के भाव को बढ़ावा मिलेगा।

See also  DA increased of central employees: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, DA में 4 फीसदी की बढ़ोतरी, जानिए ​किन्हें होगा फायदा

हाईकोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती

हिज़ाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हे कहा था कि “इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि इस्लाम में हिजाब पहनना अनिवार्य है, इसलिए स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पर लगाया गया बैन ठीक है।” कोर्ट ने कहा था कि स्कूल व कॉलेज में एक समान ड्रेस कोड होना चाहिए और इससे छात्र इंकार नहीं कर सकते। इसी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।