नई दिल्ली : ICICI बैंक ने अपनी ब्याज दर में कटौती की है, जिसका असर आपके लोन और ईएमआई पर सीधा पड़ेगा। दरअसल बैंक ने जून 2023 के शुरू होते ही अपने एमसीएलआर (MCLR) में बदलाव किया है। बैंक अपने कस्टरमर्स को अलग-अलग ब्याज दर पर लोन देती है, ऐसे में एमसीएलआर वह दर होती है जिसे बैंक खुद फिक्स करते हैं। आईसीआईसीआई बैंक के इस फैसले के बाद कई लोन सस्ते हो गए हैं। अब ग्राहक होम लोन सहित कई लोन सस्ते में पा सकते हैं। ब्याज दर में कटौती से अब आपका लोन और ईएमआई सस्ता हो जाएगा।

अब कितना हुआ रेट?
ICICI बैंक ने एक महीने के समय के लिए MCLR को 8.50 फीसदी से घटाकर 8.35 फीसदी कर दिया है। वहीं तीन महीने की अवधि के लिए MCLR को 15 बेसिस प्वाइंट से घटाकर 8.55 फीसदी से 8.40 फीसदी कर दिया है. बैंक ने एमसीएलआर को छह महीने और एक साल के कार्यकाल पर क्रमशः 5 बीपीएस बढ़ाकर 8.75 फीसदी और 8.85 फीसदी कर दिया है. यह सभी दरें 1 जून से ही लागू हो चुकी हैं।

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वहीं दूसरी तरफ बैंक ने छह महीने और एक साल की MCLR दरों में 5 बेसिस प्वाइंट की मामूली कमी की है जिसके बाद छह महीने के लिए अब नए रेट 8.75 फीसदी हो गई है और एक साल के लिए ये रेट 8.85 फीसदी हो गई है। आईसीआईसीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक नए रेट 1 जून 2023 से लागू हो चुके हैं।

अन्य बैंक भी कर सकते हैं कटौती
आपको बता दें कि ICICI बैंक पहला बैंक है, जिसने एमसीएलआर रेट में कटौती की घोषणा की है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही अन्य बैंक भी ब्याज दरों में कटौती की घोषणा कर सकते हैं।

आरबीआई ने नहीं बदला रेपो रेट
2023-24 की प्रारंभिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में, भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया था। फिलहाल रेपो रेट 6.5 प्रतिशत पर बना हुआ है।
रेपो रेट वो रेट होता है, जिस दर पर आरबीआई देश में मौजूद बैंकों को उधार देते हैं। आपको बता दें कि आरबीआई ने अब तक मई 2022 से रेपो रेट को 250 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ाया है। वहीं RBI की अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक 6-8 जून, 2023 के दौरान होने वाली है।

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क्या होता है MCLR?
एमसीएलआर बैंको के लिए एक आंतरिक बेंचमार्क रेट होता है। इसका इस्तेमाल न्यूनतम होम लोन की ब्याज दर निर्धारित करने के लिए किया जाता है। भारतीय वित्तीय प्रणाली में MCLR को आरबीआई ने साल 2016 में पेश किया था।