टीआरपी डेस्क। जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हो चुके हैं। जिसके बाद उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में भी मुकदमा चलेगा।

राऊज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत के न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामला सिर्फ अलग-अलग लेनदेन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक गतिविधि का संकेत देता है। अदालत की टिप्पणी में कहा गया कि लालू यादव और उनके परिजनों ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया और पूरे मामले में सुनियोजित साजिश रची गई।

कोर्ट के अनुसार, सभी आरोपितों की भूमिकाएं आपस में जुड़ी हुई थीं और साझा उद्देश्य के तहत अपराध को अंजाम दिया गया।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।