दो कारोबारी समूहों के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी, 250 करोड़ रुपये के कालेधन का हुआ खुलासा

टीआरपी डेस्क। आयकर विभाग ने रविवार को सिल्क साड़ियों के व्यापार और चिट फंड में शामिल दो व्यापारिक समूहों के खिलाफ तलाशी के दौरान 250 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया है। मामला तमिलनाडु का है पांच अक्तूबर को कांचीपुरम, वेल्लोर और चेन्नई में 34 स्थानों पर तलाशी ली गई। सीबीडीटी ने कहा कि चिट फंड के व्यापार में शामिल समूह एक अनधिकृत कारोबार चला रहा था और पिछले कुछ वर्षों में 400 करोड़ रुपये से अधिक के सभी निवेश और भुगतान पूरी तरह से नकद में किए गए थे।

सीबीडीटी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, समूह ने कथित तौर पर कमीशन और लाभांश के माध्यम से बेहिसाब आय अर्जित की थी। सीबीडीटी ने कहा कि समूह ने नकद वित्तपोषण से बेहिसाब ब्याज आय अर्जित कर बेहिसाब निवेश और खर्च किया था। बोर्ड ने कहा कि समूह के सदस्यों के स्वामित्व वाली संपत्तियों में महलनुमा घर और फार्म हाउस शामिल हैं।

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सीबीडीटी ने कहा है कि 1.35 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और 7.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए और 150 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला। रेशम साड़ियों के व्यापार में शामिल समूह के बारे में जानकारी देते हुए सीबीडीटी ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान इसकी बिक्री में कमी के सबूत मिले हैं।

सीबीडीटी ने कहा कि एक कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के माध्यम से बिक्री के आंकड़ों में हेराफेरी का पता चला है। बोर्ड ने आरोप लगाया कि समूह के सदस्य नियमित रूप से बेहिसाब नकदी निकालते थे और भूमि और भवनों में बेहिसाब निवेश करते थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।