नई दिल्ली : वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्यों पर आधारित भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर नवंबर के महीने में 14.23% हो गई, जो पिछले 12 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक है। बता दें अक्टूबर माह में मुद्रास्फीति दर 12.54% थी पर एक ही महीने में 1.69% वृद्धि के साथ 14.23% पर पहुँच गया है । वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की मानें तो थोक मुद्रास्फीति में वृद्धि के लिए क्रमिक और वर्ष-दर-वर्ष आधार पर विभिन्न आवश्यक वस्तुओं, विनिर्मित उत्पादों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि जिम्मेदार है।

नवंबर 2021 में मुद्रास्फीति की वार्षिक दर 14.23% है, जबकि नवंबर 2020 में 2.29% थी। नवंबर 2021 में मुद्रास्फीति की दर में वृद्धि मुख्य रूप से खनिज तेलों, धातुओं, कच्चे तेल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, रसायन और रासायनिक उत्पाद, खाद्य उत्पाद, आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है। पिछले वर्ष इन सबकी कीमत आज की तुलना में काफी कम थी। एक सर्वेक्षण के अनुसार, देश की थोक मुद्रास्फीति विगत तीन दशकों में सबसे तेज गति से बढ़ी है, इसके पीछे का कारण बढ़ी कीमतों और आपूर्ति में कमी को बताया जा रहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।