टीआरपी डेस्क। Indian Air Force Day 2025 : भारतीय वायुसेना आज पूरे देश में अपना 93वां स्थापना दिवस मना रही है। भारतीय वायुसेना के पास कुल 2,229 विमान हैं, जिनमें उन्नत लड़ाकू जेट्स, हेलीकॉप्टर और सहायक विमान शामिल हैं। जिसके बदौलत भारतीय वायुसेना आज दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर वायुसेना मानी जाती है।

इस अवसर पर सुबह से ही देशभर में जश्न का माहौल है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर संदेश साझा कर वायुसेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में लिखा कि वायुसेना दिवस पर सभी वायु योद्धाओं और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय वायुसेना वीरता, अनुशासन और सटीकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वायुसेना ने हमारे आकाश की रक्षा में, कठिन परिस्थितियों में भी, अद्वितीय योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आपदा के समय वायुसेना की भूमिका हमेशा सराहनीय रही है और प्रत्येक भारतीय को उनके समर्पण और साहस पर गर्व है।

इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद सभी गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंचे, जहां वायुसैनिकों की परेड का आयोजन हुआ। वायुसेना प्रमुख ने परेड का निरीक्षण किया और जवानों को संबोधित किया।

इस बार का वायुसेना दिवस विशेष इसलिए भी है क्योंकि पहली बार समारोह दो चरणों में आयोजित हो रहा है। हिंडन एयरबेस पर परेड और उद्बोधन का आयोजन किया गया, जबकि लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों का फ्लाई पास्ट 9 नवंबर को गुवाहाटी में आयोजित होगा।

Indian Air Force Day 2025 : हिंडन एयरबेस पर इस बार सेवानिवृत्त हो चुके मिग-21 विमान को भी प्रदर्शित किया गया, जिसने छह दशकों तक देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही राफेल और सुखोई-30 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने कई अभियानों में अपनी क्षमता साबित की है।

गुवाहाटी में फ्लाई पास्ट आयोजित करने का निर्णय सुरक्षा और व्यावहारिक कारणों से लिया गया है। राजधानी क्षेत्र में बढ़ते एयर ट्रैफिक और बर्ड हिट की संभावनाओं को देखते हुए अभ्यास और फ्लाई पास्ट को वहां आयोजित करना कठिन था। वहीं, गुवाहाटी में मौसम और सुरक्षा दोनों ही परिस्थितियाँ अधिक अनुकूल मानी गई हैं, इसलिए वहां 9 नवंबर को फ्लाई पास्ट का भव्य आयोजन होगा।

रॉयल इंडियन एयरफोर्स नाम से हुई शुरुआत
भारत में वायुसेना की शुरुआत ब्रिटिश शासन काल में हुई थी। 8 अक्टूबर 1932 को इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स (RIAF) के नाम से स्थापित किया गया था। इसका आरंभ केवल 6 अधिकारियों और 4 बाइप्लेन विमानों से हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसके योगदान के कारण इसे ‘रॉयल’ खिताब से नवाजा गया। वहीं 1950 में भारत के स्वतंत्र होने के बाद ‘रॉयल’ शब्द हटा दिया गया और इसे आधिकारिक रूप से ‘भारतीय वायुसेना’ (IAF) के नाम से जाना जाने लगा।

Indian Air Force Day 2025 : भारतीय वायुसेना का योगदान

  • ऑपरेशन मेघदूत (1984): सियाचिन ग्लेशियर पर भारतीय सेना की आपूर्ति और हवाई गश्त के लिए यह ऑपरेशन बेहद महत्वपूर्ण था।
  • ऑपरेशन रॉम्बो (1988): मालदीव में आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय वायुसेना की कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
  • बालाकोट एयरस्ट्राइक (2019): पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना द्वारा की गई यह एयरस्ट्राइक काफी चर्चित हुई थी।
  • ऑपरेशन सिंदूर (2024): पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने सबसे लंबी रेंज से हवाई प्रहार किया, जो वायुसेना की क्षमता और युद्धकौशल का प्रतीक बन गया।
  • इन ऑपरेशन्स ने भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे प्रभावशाली वायुसेनाओं में शुमार कर दिया है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।