टीआरपी डेस्क। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल इस सप्ताह रूस की राजधानी मॉस्को की यात्रा पर जाएंगे, जहां वे रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस और यूक्रेन के हालिया दौरे के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी।

पुतिन का बयान

सूत्रों के मुताबिक, इस बातचीत के बाद यह तय हुआ कि NSA अजित डोभाल मॉस्को जाएंगे। यात्रा की समयसीमा अभी निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि पुतिन ने भारत को उन तीन देशों में शामिल किया है, जिनसे रूस इस संघर्ष के समाधान के लिए संपर्क में है। पुतिन ने कहा, “हम अपने मित्र देशों, विशेष रूप से चीन, ब्राजील और भारत की सराहना करते हैं, जो इस संघर्ष को हल करने के लिए प्रयासरत हैं।”

भारत का रुख: “शांति के लिए प्रतिबद्ध”

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत के तटस्थ न होने का संदेश दिया और कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। उन्होंने कहा, “भारत कभी तटस्थ नहीं रहा, हम हमेशा शांति के पक्ष में रहे हैं।” प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक नेताओं से आग्रह किया कि इस संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए, और सभी पक्षों के बीच ईमानदारी और व्यावहारिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

वैश्विक प्रतिक्रिया और भारत की भूमिका

दुनिया के कई नेताओं का मानना है कि भारत इस संघर्ष के समाधान में अहम भूमिका निभा सकता है। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी कहा है कि “चीन और भारत इस संघर्ष के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।